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शिक्षा को लेकर हरियाणा में लड़कियों का संघर्ष, रेवाड़ी की चिंगारी जींद और पलवल में भी पहुंची

हरियाणा के रेवाड़ी में  स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए 9वीं और 10वीं की लड़कियों द्वारा शुरू की गई मांग का असर समूचे राज्य में दिखाई देने लगा है. रेवाड़ी के बाद गुरुग्राम और अब जींद तथा पलवल में लड़कियों ने अपने स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया.

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शिक्षा को लेकर हरियाणा में लड़कियों का संघर्ष, रेवाड़ी की चिंगारी जींद और पलवल में भी पहुंची

उच्च शिक्षा को लेकर लड़कियां कितनी गंभीर हैं, हरियाणा में चल रहे आंदोलनों से देखा जा सकता है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सबसे पहले रेवाड़ी में शुरू किया था लड़कियों ने आंदोलन
  2. हाईस्कूल को इंटर में बदलवाने के लिए छात्राओं ने की भूख हड़ताल
  3. पूरे हरियाणा में किए जा रहे हैं आंदोलन, अभिभावक भी आए साथ
जींद:

हरियाणा के रेवाड़ी में  स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए 9वीं और 10वीं की लड़कियों द्वारा शुरू की गई मांग का असर समूचे राज्य में दिखाई देने लगा है. रेवाड़ी के बाद गुरुग्राम और अब जींद तथा पलवल में लड़कियों ने अपने स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. लड़कियों द्वारा शिक्षा को लेकर शुरू की गई यह अनोखी लड़ाई कोई साधारण कामयाबी नहीं है बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी की हमारी समझ को बदलती भी है.

जींद में करीब 50 स्कूली छात्राएं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चली गई हैं. वहीं, पलवल में अभिभावकों ने कुछ शिक्षकों को स्कूल की इमारत के भीतर बंद कर दिया. सभी जगह सिर्फ एक ही मांग उठ रही है, स्कूलों का दर्जा बढ़ाने की. 

पलवल में अभिभावकों ने खिरबी गांव में सरकारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को बंधक बना लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाफ की कमी से उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और ये शिक्षक नियमित तौर पर कक्षाएं नहीं लेते.


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जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा. जुलाना पुलिस थाना प्रभारी चंद्रभान ने कहा कि जींद में छात्राओं ने करसोला सरकारी हाई स्कूल के गेट को बंद कर दिया और गांववालों के साथ स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया.

(इनपुट भाषा से भी)



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