यमुनानगर विधानसभा सीट : घनश्याम अरोड़ा के लिए जीत दोहरा पाना कितना मुश्किल

हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से यमुनानगर विधासभा क्षेत्र भी एक अहम सीट है. यह अंबाला लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है.

यमुनानगर विधानसभा सीट : घनश्याम अरोड़ा के लिए जीत दोहरा पाना कितना मुश्किल

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से यमुनानगर विधासभा क्षेत्र भी एक अहम सीट है. यह अंबाला लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है. इस इलाके पर कांग्रेस का दबदबा रहा है. इस सीट पर अब तक 13 बार चुनाव हो चुके है जिनमें से 6 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की. बीजेपी या जनसंघ 4 बार, इनेलो से 2 बार और 1 बार जनता पार्टी की जीत हुई थी. 
अगर मौजूदा विधायक की बात करें तो आपको बता दें कि वर्तमान में यमुनानगर विधानसभा सीट पर बीजेपी के घनश्याम अरोड़ा विधायक है. 2014 के विधानसभा चुनावों में घनश्याम दास ने इनेलो के दिलबाग सिंह को मात दी थी. उन्होंने 28 हजार से भी ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी. यमुनानगर विधानसभा सीट का गठन 1967 में हुआ था. पहली बार के चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस के बी दयाल विधायक बने. इस सीट पर घनश्याम अरोड़ा एक बार फिर बीजेपी की तरफ से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. 

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2011 की जनगणना के अनुसार यमुनानगर की जनसंख्या 217071 है. जिसमें 115,663 पुरुष और 101,408 महिलाएं शामिल हैं. जिले की आबादी में 83 फीसदी लोग हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हैं जबिक 10.13 प्रतिशत सिख और करीब 5 फीसदी मुस्लिम धर्म में अपनी आस्था रखते हैं. यमुना नगर में औसत साक्षरता दर 85.43 फीसदी है. जिले में लैंगिग अनुपात 877 है यानी की 1000 लड़कों के मुकाबले 816 लड़कियां. 

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बता दें हरियाणा में आगामी 21 अक्टूबर को चुनाव होने जा रहे हैं और 24 अक्टूबर को नतीजे भी आ जाएंगे. राज्य में कुल 90 सीटें हैं, जिनमें से 17 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. मनोहर लाल खट्टर ही इस बार भी बीजेपी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं. उन्हीं के अगुवाई में 2014 में राज्य की कुल 90 सीटों में से 47 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. दूसरे नंबर पर 19  सीटों के साथ भारतीय राष्ट्रीय लोक दल (आईएनएलडी) रही थी.  वहीं सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस के खाते में सिर्फ 15 सीटें ही आईं थीं.