SIT की प्रारंभ‍िक रिपोर्ट के बाद हाथरस के एसपी व चार अन्य पुलिसवालों को निलंबित किया गया

हाथरस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) द्वारा पहली रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी. इस रिपोर्ट के बाद यूपी सरकार ने हाथरस के एसपी व चार अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया.

SIT की प्रारंभ‍िक रिपोर्ट के बाद हाथरस के एसपी व चार अन्य पुलिसवालों को निलंबित किया गया

हाथरस गैंगरेप मामले में हुई यूपी पुलिस पर कार्रवाई - फाइल फोटो

लखनऊ:

हाथरस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने पहली रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी. इस रिपोर्ट के बाद यूपी सरकार ने हाथरस के एसपी व चार अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एसपी समेत चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए.

हाथरस पीड़िता ने मौत के पहले दिए बयान में गैंगरेप की पुष्टि की थी : सुरजेवाला

यूपी सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, हाथरस के एसपी विक्रांत वीर को लापरवाही व शिथिल पर्यवेक्षण पर सस्पेंड कर दिया गया. उनके अलावा सीओ राम शब्द, एसआई जगवीर सिंह, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा और हेड कांस्टेबल महेश पाल का निलंबन किया गया.

इतना ही नहीं, निलंबित हुए इन पुलिसकर्मियों के अलावा सभी वादी/प्रतिवादी अन्तर्ग्रस्त व्यक्तियों व पुलिस के पालीग्राफी व नारको टेस्ट भी कराए जाएंगे. एसपी विक्रांत वीर की जगह शामली के विनीत जायसवाल हाथरस के नए एसपी का कार्यभार संभालेंगे.

हाथरस केस : उमा भारती ने योगी आदित्यनाथ से कहा, 'विपक्षी नेताओं और मीडिया को परिवार से मिलने दें'

इसके अलावा, हाथरस में पीड़ित के परिवार के सदस्य ने आरोप लगाया है कि उन्हें हर तरह से मीडिया से बात करने से रोका जा रहा है क्योंकि प्रशासन ने हाथरस के इस गांव में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी है. शुक्रवार की सुबह, पीड़ित परिवार के एक नाबालिग को परिवार के सदस्यों ने भेजा कि वो किसी भी तरह मीडिया तक पहुंचने के लिए और उनसे जुड़ने के लिए कहें. इसके अलावा नाबालिग ने खुलासा किया कि उन्हें कथित तौर पर अपने मोबाइल को स्विच-ऑफ करने के लिए कहा गया था और कुछ मोबाइल जब्त किए गए थे.

Newsbeep

बता दें कि हाथरस में गैंगरेप की शिकार 20 साल की युवती की 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई. इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. हैवानियत की हदें पार करने वाली यह घटना उत्तर प्रदेश के हाथरस में 14 सितंबर को हुई थी.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


पीड़िता के मौत के बाद गांव में भारी संख्या में पुलिस तैनात थी. ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए पुलिसवालों ने स्कॉट कर डेडबॉडी का दाह संस्कार कर दिया. आरोप है कि इस दौरान पीड़ित परिजनों को पुलिस ने घर में बंद कर दिया था. विरोध के बीच पुलिस एम्बुलेंस को सीधे अंतिम संस्कार वाले स्थान पर लेकर गई और रात करीब 2.30 बजे उसका दाह संस्कार कर दिया गया.