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सीएम की कुर्सी जाने के बाद कुमारस्वामी छोड़ना चाह रहे हैं राजनीति

कुमारस्वामी 1996 में 36 साल के थे और उस वक्त कन्नड़ फिल्में बना रहे थे, जब उन्होंने राजनीति में हाथ आजमाने का निश्चय किया.

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सीएम की कुर्सी जाने के बाद कुमारस्वामी छोड़ना चाह रहे हैं राजनीति

कुमारस्वामी ने 1996 में पहली बार राजनीति में कदम रखा था.

बेंगलुरु:

कर्नाटक में गठबंधन सरकार के टूटने के करीब एक हफ्ते बाद अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) ने कहा कि वह राजनीति छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं.  समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "मैं वह व्यक्ति हूं जो इस सब से अलग हटना चाहता हूं. संयोगवश मैं मुख्यमंत्री और एक राजनेता बन गया. मुझे भगवान द्वारा मुख्यमंत्री बनने के लिए दो बार मौका दिया गया और मैंने दूसरों को खुश करने के लिए कुछ भी नहीं किया है. अब मैंने एक कदम पीछे लिया है.''  उन्होंने कहा "आज भी, मेरे पिता (एचडी देवेगौड़ा) ने लड़ाई नहीं छोड़ी है. उनके पास इसके लिए ताकत हो सकती है, लेकिन जिस गति से चीजें चल रही हैं, मुझे नहीं लगता कि मैं अब और इसमें रहूं''

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कुमारस्वामी ने हसन जिले में कहा, "राजनीति आज लोगों के लिए अच्छी नहीं है. यह जाति की राजनीति है और प्रतिशोध की राजनीति है. क्या मैं यह सब सही कर सकता हूं? भगवान अब इस पर ध्यान देंगे. मेरे परिवार के किसी भी शख्स से यह सवाल न करें. मुझे छोड़ दीजिए. मैं तंग आ गया हूं और मैं शांति से रहना चाहता हूं.  मुझे एक मौका मिला और मैंने जो भी किया सबसे अच्छा किया. मैं सत्ता में जगह नहीं चाहता, मैं सिर्फ लोगों में जगह चाहता हूं और मैं इससे संतुष्ट हूं बस. "

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बता दें कुमारस्वामी 1996 में 36 साल के थे और उस वक्त कन्नड़ फिल्में बना रहे थे, जब उन्होंने राजनीति में हाथ आजमाने का निश्चय किया. उनके पिता एचडी देवगौड़ा उस वक्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे. कुमारस्वामी ने उस साल ग्रामीण बेंगलुरु के कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीतने में कामयाब रहे. पिछले साल मई में उन्होंने जनता दल सेकुलर के साथ मिलकर सरकार बनाई थी लेकिन यह सरकार भी उनके इससे पहले 2006 के कार्यकाल की तरह ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई. लंबे सियासी घमासान के बाद पिछले हफ्ते यहां बीजेपी विश्वास मत पाने में कामयाब रही और बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में सरकार बन गई. 



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