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झारखंड की सत्ता संभालने के बाद हेमंत सोरेन को निभाने होंगे ये वादे

27 नवंबर को जारी किए गए अपने मेनिफेस्टो में JMM ने कई घोषणाएं की थीं जिन्हें सत्ता संभालने के बाद पूरा करने की जिम्मेदारी हेमंत सोरेन के ऊपर है.

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झारखंड की सत्ता संभालने के बाद हेमंत सोरेन को निभाने होंगे ये वादे

हेमंत सोरेन झारखंड के अगले मुख्यमंत्री होंगे.

नई दिल्ली:

झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की जीत लगभग तय है. यहां 46 सीटों पर गठबंधन बढ़त बनाए हुए है.  इसी के साथ हेमंत सोरेन (Hemant Soren) का अगला मुख्यमंत्री बनना तय हो चुका है. सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की जनता को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, ''इस राज्य के लिए नया अध्याय शुरू होगा. निश्चित रूप से आज की यह जीत झारखंड के लोगों के लिए उत्साह का दिन तो है ही, लेकिन मेरे लिए भी आज का दिन एक संकल्प लेने का दिन है. राज्य की जनता, यहां के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का, संकल्प लेने का दिन है.'' जाहिर है अब वादा निभाने का वक्त आ गया है. 27 नवंबर को जारी किए गए अपने मेनिफेस्टो में उन्होंने कई घोषणाएं की थीं जिन्हें सत्ता संभालने के बाद पूरा करने की जिम्मेदारी उनके ऊपर है. ये वादे हैं...
 

  • पलामू, चाईबासा और हजारीबाग को उपराजधानी बनाना.
  • पलामू, चाईबासा, गढ़वा, गिरिडीह, दुमका, साहेबगंज औप देवघर का 25 हजार करोड़ रुपए के लागत से विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकास.
  • सरकार के गठन के तीन महीने के भीतर संविधान की आठवीं अनुसूची में 'हो' (एक आदिवासी भाषा) को शामिल करने के लिए केंद्र से सिफारिश .
  • सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण. 
  • पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरी में 27 प्रतिशत का आरक्षण.
  • महिलाओं को सरकारी नौकरी में 50 प्रतिशत आरक्षण.
  • 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली.
  • गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं को 2 हजार रुपए प्रतिमाह भत्ता. 
  • दो साल के अंदर 5 लाख झारखंडी युवकों को नौकरी और बेरोजगारी भत्ता.
  • 25 करोड़ रुपए के सरकारी टेंडर सिर्फ स्थानीय लोगों को दिया जाना. 
  • किसानों की कर्ज माफी और भूमि अधिकार कानून बनाना.
  • 5 साल तक उपयोग में नहीं लाए गए अधिग्रहित भूमि की रैयतों को वापसी.
  • आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं पारा शिक्षकों के लिए सेवा, शर्त एवं वेतनमान का निर्धारण. 
  • शहीदों के जन्मस्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना.
  • शहीद के परिवार के एक सदस्य को सीधे सरकारी नौकरी देने का कानून बनाना.
  • प्राकृतिक आपदा में फसल बर्बाद होने पर 13,500 प्रति एकड़ के तहत मुआवजा देना.
  • कैंसर पीड़ितों के इलाज का खर्च उठाने की जिम्मेदारी.
  • जनवितरण प्रणाली लागू करना, जिसमें चायपत्ति, सरसों तेल, साबुन, दाल भी दिया जाएगा।
  • घरेलू उद्योग के लिए लाइसेंस की व्यवस्था को खत्म करना.
  • भूमि सुधार आयोग का गठन व प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन 
  • हर प्रखंड में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र. 
     
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