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जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग होकर देश का नया केंद्र शासित प्रदेश बना लद्दाख, जानिए इसके बारे में

लद्दाख (Ladakh) को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है.

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जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग होकर देश का नया केंद्र शासित प्रदेश बना लद्दाख, जानिए इसके बारे में

लद्दाख (Ladakh)

खास बातें

  1. लद्दाख जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग हो गया है.
  2. लद्दाख को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है
  3. लद्दाख की कुल जनसंख्या 2,74,289 लाख है.
नई दिल्ली:

राष्‍ट्रपति के आदेश से केंद्र सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) राज्‍य में धारा 370 को हटा दिया है. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने आज राज्‍यसभा धारा 370 हटाने का ऐलान किया. इसी के साथ अब जम्मू-कश्मीर से लद्दाख (Ladakh) को अलग कर दिया गया है. लद्दाख (Ladakh) को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि काफी समय से वहां के लोगों की मांग थी कि इसे अलग केंद्र शासित प्रदेश की मान्‍यता मिले, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें. लद्दाख उत्तर में काराकोरम पर्वत और दक्षिण में हिमालय पर्वत के बीच में है. लद्दाख के उत्तर में चीन तथा पूर्व में तिब्बत की सीमाएं हैं. सीमावर्ती स्थिति के कारण सामरिक दृष्टि से इसका बड़ा महत्व है. लद्दाख समुद्र की सतह से 9842 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. लद्दाख की राजधानी एवं प्रमुख नगर लेह है, जिसके उत्तर में कराकोरम पर्वत तथा दर्रा है.

लद्दाख क्षेत्र की आबादी लेह और करगिल जिलों के बीच आधे हिस्से में विभाजित है. 2011 की जनगणना के अनुसार है, करगिल की कुल जनसंख्या 140,802 है जिसमें 76.87% आबादी मुस्लिम (ज्यादातर शिया) है. जबकि लेह की कुल जनसंख्या 133,487 है जिसमें 66.40% बौद्ध हैं. इस हिसाब से लद्दाख की कुल जन संख्या 2,74,289 लाख है. लद्दाख में कई स्थानों पर मिले शिलालेखों से पता चलता है कि यह स्थान नव-पाषाणकाल से स्थापित है. सिन्धु नदी लद्दाख की जीवन रेखा है. ज्यादातर ऐतिहासिक और वर्तमान स्थान जैसे कि लेह, शे, बासगो, तिंगमोसगंग सिन्धु किनारे ही बसे हैं. 1947 के भारत-पाक युद्ध के बाद सिन्धु का मात्र यही हिस्सा लद्दाख से बहता है. सिन्धु हिन्दू धर्म में एक पूजनीय नदी है, जो केवल लद्दाख में ही बहती है.


पूर्व में लेह के आसापास के निवासी मुख्यतः तिब्बती पूर्वजों और भाषा (लद्दीखी) वाले बौद्ध हैं, लेकिन पश्चिम में कारगिल के आसपास जनसंख्या मुख्यतः मुस्लिम है और इस्लाम की शिया शाखा की है. बता दें कि 1979 में लद्दाख को कारगिल व लेह जिलों में बांटा गया. लद्दाख मध्य एशिया से कारोबार का एक बड़ा गढ़ था. सिल्क रूट की एक शाखा लद्दाख क्षेत्र से होकर गुजरती थी. दूसरे मुल्कों के कारवें के साथ सैकड़ों ऊंट, घोड़े, खच्चर, रेशम और कालीन लाए जाते थे जबकि हिन्दुस्तान से रंग, मसाले आदि बेचे जाते थे. लद्दाख के अंतर्गत नोबरा, लेह, कारगिल और ज़ंस्कार कुल 4 विधानसभा क्षेत्र आते थे. 

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