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AMU के रिसर्च स्‍कॉलर की गन के साथ फोटो हुई वायरल, हिज्‍बुल का दावा-हमारे साथ बशीर वानी

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी AMU के रिसर्च स्कॉलर मुनान बशीर वानी के आतंकी संगठन हिज्‍बुल मुजाहिदीन में शामिल होने और एके-47 राइफल के साथ फोटो वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी ने छात्र को निष्‍कासित कर दिया है. वानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एप्लाइड जियोलॉजी (Applied Geology) में पीएचडी कर रहा था.

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AMU के रिसर्च स्‍कॉलर की गन के साथ फोटो हुई वायरल, हिज्‍बुल का दावा-हमारे साथ बशीर वानी

AMU के रिसर्च स्‍कॉलर की गन के साथ फोटो हुई वायरल, हिज्‍बुल का दावा-हमारे साथ बशीर वानी

खास बातें

  1. यूनिवर्सिटी ने रिसर्च स्कॉलर मुनान बशीर वानी को किया निष्‍कासित
  2. वानी एएमयू से एप्लाइड जियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था
  3. एएमयू के स्‍कॉलर की फोटो वायरल होने के एक दिन बाद हिज्‍बुल का आया बयान
नई दिल्ली:

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी AMU के रिसर्च स्कॉलर मुनान बशीर वानी के आतंकी संगठन हिज्‍बुल मुजाहिदीन में शामिल होने और एके-47 राइफल के साथ फोटो वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी ने छात्र को निष्‍कासित कर दिया है. वानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एप्लाइड जियोलॉजी (Applied Geology) में पीएचडी कर रहा था.

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एएमयू के स्‍कॉलर की फोटो वायरल होने के एक दिन बाद हिजबुल ने कहा है कि मुनान बशीर वानी ने हमारा संगठन में शमिल हुआ है. प्रतिबंधित संगठन के प्रमुख सैयद सलाउद्दीन ने एक बयान में  कहा है कि यह भारत का प्रोपेगेंडा है कि युवा बेरोजगारी और आर्थिक समस्याओं के कारण आतंकवादी संगठनों में शामिल हो रहे हैं. पढ़े लिखे युवा इसलिए हिज्‍बुल में शामिल हो रहे हैं ताकि वह आजादी की लड़ाई को आगे ले जा सके. 

मुनान बशीर वानी दक्षिण कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के लोलाब का रहने वाला है. वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने पर सरकार के प्रयासों के प्रयासों को झटका माना जा रहा है, क्‍योंकि सरकार कश्‍मीरी युवाओं को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटने की कोशिश कर रही है.


रिसर्च स्कॉलर मुनान बशीर वानी ने अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पीएचडी में दाखिला लिया था. पिछले साल गृह नगर उत्तर कश्मीर में आई बाढ़ के बाद जीआईएस तकनीक और रिमोट सेंसिंग को लेकर अपनी रिपोर्ट समिट की थी जिसके लिए उन्‍हें पुरस्‍कार भी मिला था. 

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गौरतलब है कि पिछले साल अक्‍टूबर में फुटबॉल खिलाड़ी माजिद इरशाद खान एक आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया है. अक्तूबर महीने के आखिरी दिनों में 20 वर्षीय खिलाड़ी लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया. खिलाड़ी के दोस्त और परिवार वाले इससे बेहद परेशान और चिंतित हैं. ऐसा माना जा रहा है कि खिलाड़ी अपने दोस्त यावर निसार शेरगुजरी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के बाद आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया. शेरगुजरी आतंकवादी था और वह अनंतनाग में अगस्त महीने में सुरक्षाबलों द्वारा मुठभेड़ में मारा गया था. 

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खान ने आतंकवादी संगठन में शामिल होने का अपना इरादा 29 अक्तूबर के एक फेसबुक पोस्ट में जाहिर किया था. उसने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि जब शौक ए शहादत हो दिल में, तो सूली से घबराना क्या. सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो में खिलाड़ी की मां आयशा उसके वापसी की गुहार लगा रही है. वीडियो में उसकी मां को कहते हुए सुना जा सकता है कि लौट आओ और हमारी जान ले लो, उसके बाद चले जाना. तुम मुझे किसके लिए छोड़ गए?



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