जगन्नाथ रथ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अमित शाह ने किया स्‍वागत, कहा-पीएम मोदी ने न केवल...

शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि शर्तों के साथ केंद्र और राज्य सरकार इस रथयात्रा के लिए कोविड-19 के गाइडलाइंस के तहत इंतजाम करेंगी. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह स्थिति को ओडिशा सरकार के ऊपर छोड़ रहा है.

जगन्नाथ रथ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अमित शाह ने किया स्‍वागत, कहा-पीएम मोदी ने न केवल...

जगन्‍नाथ रथयात्रा पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का गृह मंत्री अमित शाह ने स्‍वागत किया है

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने जगन्‍नाथ पुरी की ऐतिहासिक रथयात्रा (Jagannath Rath Yatra) को हरी झंडी दे दी है. कोर्ट ने बेहद कड़ी शर्तों के साथ यात्रा को इस साल भी निकालने की अनुमति दे दी है. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि शर्तों के साथ केंद्र और राज्य सरकार इस रथयात्रा के लिए कोविड-19 के गाइडलाइंस के तहत इंतजाम करेंगी. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह स्थिति को ओडिशा सरकार के ऊपर छोड़ रहा है. अगर यात्रा के चलते स्थिति हाथ से बाहर जाते हुए दिखती है, तो सरकार यात्रा पर रोक भी लगा सकती है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह भी कहा कि कालरा और प्लेग के दौरान भी रथ यात्रा सीमित नियमों और श्रद्धालुओं के बीच हुई थी. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन जजों वाली बेंच ने की.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने खुशी जताई है. उन्‍होंने इस मसले पर सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा-आज का दिन हम सभी के लिए विशेष है, विशेषकर हमारी ओडिया बहनों और भाइयों के साथ-साथ महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों का. रथ यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से पूरा देश प्रसन्न है. जय जगन्नाथ! ''

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एक अन्‍य ट्वीट में अमित शाह ने लिखा-यह मेरे साथ-साथ पूरे भारत के करोड़ों भक्तों को खुशी देता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल भक्तों की भावना को समझा, बल्कि सलाहों को आगे बढ़ाया जो सुनिश्चित करते थे कि हमारी भूमि की महान परंपराओं का पालन किया जाता है. उन्‍होंने एक अन्‍य ट्वीट में लिखा, 'प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार कल शाम, मैंने गजपति महाराज जी (पुरी के राजा) और पुरी के सम्मानित शंकराचार्य जी से बात की और यात्रा पर उनके विचार मांगे. आज सुबह PMके निर्देश पर मैंने सॉलिसिटर जनरल से भी बात की.' उन्‍होंने लिखा, मामले की तात्कालिकता और महत्व को ध्यान में रखते हुए, इसे सुप्रीम कोर्ट की एक वेकेशन बेंच के सामने रखा गया और सुनवाई दोपहर को हुई, जिसने महत्वपूर्ण निर्णय का मार्ग प्रशस्त किया.