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महाराष्ट्र: बाढ़ के कारण फंसे ट्रकों में लदा सैकड़ों टन आलू हुआ खराब

महाराष्ट्र का कोल्हापुर बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित इलाकों में से एक है. यहां एक हफ्ते से चल रहे बचाव अभियान के बाद भी सैकड़ों लोग मदद के इंतजार में हैं.

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महाराष्ट्र: बाढ़ के कारण फंसे ट्रकों में लदा सैकड़ों टन आलू हुआ खराब

अब तक पूरे महाराष्ट्र में बाढ़ से 30 से अधिक लोग मारे गए हैं.

खास बातें

  1. बाढ़ की वजह से नेशनल हाइवे-4 पर फंसे हैं कई ट्रक
  2. हफ्ते भर से ज्यादा समय से फंसे हैं ट्रक
  3. ट्रकों में लदी सैकड़ों टन सब्जियां हुईं खराब
मुंबई:

भारी बारिश और बाढ़ ने महाराष्ट्र के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया है और अब तक 30 लोगों की जान चुकी है. वहीं कर्नाटक के बेलगाम जिले ले जाए जा रहे सैकड़ों टन आलू भी बारिश के चक्कर में सड़कर बर्बाद हो गया. आलू और अन्य सब्जियां ले जाने वाले सैकड़ों ट्रक एक हफ्ते से अधिक समय से राष्ट्रीय राजमार्ग 4 के बंद होने के कारण कोल्हापुर शहर से 50 किमी दूर फंसे हुए हैं. ये गुजरात से रवाना हुए थे. ट्रक ड्राइवरों में से एक ने NDTV को बताया,  "हम 30 टन आलू के कार्गो के साथ गुजरात से चले थे, लेकिन सात दिनों से यहां फंसे हुए हैं.  हमारा माल, जो कि 5 लाख रुपये तक का है, खराब हो चुका है. हम न तो आगे नहीं बढ़ सकते हैं और न ही पीछे जा सकते हैं. "

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महाराष्ट्र का कोल्हापुर बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित इलाकों में से एक है. यहां एक हफ्ते से चल रहे बचाव अभियान के बाद भी सैकड़ों लोग मदद के इंतजार में हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई से जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि खाने के पैकेटों को जिले के कुछ हिस्सों में एयर ड्रॉप करना पड़ा क्योंकि सड़कों पर पानी भरा हुआ था. अन्य भागों में जहां जल स्तर चार फीट से कम है वहां ट्रैक्टरों से सहायता और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है क्योंकि वहां नावों का उपयोग नहीं किया जा सकता है. 

एनडीआरएफ की एक टीम ने कल जिले की चार गर्भवती महिलाओं को बचाया. फिलहाल कुल बचाए गए लोगों की संख्या 17,000 हो गई है. गुरुवार को आपदा प्रबंधन की टीमों ने कोल्हापुर से 3,500 से अधिक लोगों को बचाया. वहीं पूरे महाराष्ट्र में दो लाख से अधिक लोगों को बाढ़ वाले कस्बों से बचाया गया है.

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बता दें बाढ़ से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग बुनियादी जरूरत की चीजों की आपूर्ति से जूझ रहे हैं. इसमें ईंधन, भोजन और पीने का पानी शामिल है. लगभग 4,000 घर नष्ट हो गए हैं. अधिकारियों ने कहा है कि पानी पूरी तरह से निकलने में अभी कई दिन लग सकते हैं. हालांकि अगले 24 घंटों में और बारिश होने की संभावना से अधिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है. अब तक पूरे महाराष्ट्र में बाढ़ से 30 से अधिक लोग मारे गए हैं और चार लाख लोग विस्थापित हुए हैं. एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), तटरक्षक, नौसेना और सेना समेत 100 से अधिक आपातकालीन बचाव दल, पुणे, कोल्हापुर, सांगली और रत्नागिरी सहित 10 जिलों में तैनात किए गए हैं.



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