पीएम मोदी का हेलीकॉप्‍टर चेक करने वाले IAS अधिकारी मोहम्‍मद मोहसिन ने NDTV से कहा, 'मुझे बेवजह सजा दी गई'

गुरुवार को ही उनके निलंबर पर CAT ने रोक लगा दी थी लेकिन उनके खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी.

नई दिल्‍ली:

ओडिशा के संबलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का हेलीकॉप्टर चेक (PM Modi Chopper Checking) करने पर सस्पेंड किए गए IAS अफ़सर मोहम्मद मोहसिन (Mohammed Mohsin) ने NDTV से बात की. उन्‍होंने कहा कि वो अपनी ड्यूटी कर रहे थे और न्‍याय के लिए वो कोर्ट जाएंगे. गुरुवार को ही उनके निलंबर पर CAT ने रोक लगा दी थी लेकिन उनके खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी. मोहम्‍मद मोहसिन का कहना है कि घटना के समय वो वहां मौजूद नहीं थे बल्कि जूनियर अफसरों को दिशानिर्देश देकर चले गए थे. उन्‍होंने कहा, 'मैंने चुनाव आयोग (Election Commission) के दिशानिर्देशों का उल्‍लंघन नहीं किया बल्कि उसी के अनुसार कार्रवाई की. मुझे बेवजह सजा दी गई और आयोग ने हड़बड़ी में मुझे निलंबित कर दिया. मुझे कोई रिपोर्ट नहीं मिली.'

उधर चुनाव आयोग का कहना है कि मोहम्‍मद मोहसिन ने नियमों से परे जाकर प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर चेक किया.

चुनाव आयोग ने मोहम्मद मोहसिन पर अगले आदेश तक चुनावी ड्यूटी करने पर रोक लगा दी. इसके साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी सिफारिश की है. मोहसिन 1996 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वह पर्यवेक्षक के तौर पर ओडिशा में तैनात थे. एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों से पेश आने के नियमों का 'उल्लंघन' करते हुए ओडिशा के संबलपुर में प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर की जांच करने को लेकर उन्हें 17 अप्रैल को निलंबित कर दिया गया था. इससे पहले गुरुवार को ही मोहम्मद मोहसिन के निलंबन पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने रोक लगा दी थी.

बता दें कि पिछले हफ्ते ओडिशा के संबलपुर में रैली के लिए पहुंचे पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने को लेकर मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया गया था. चुनाव आयोग ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिए उसके निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए ओडिशा के संबलपुर में अपने महापर्यवेक्षक को पिछले हफ्ते निलंबित कर दिया था. हालांकि, विपक्षी दलों ने इस कदम पर नाराजगी व्यक्त की थी, जिसमें कहा गया था कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो चुनावों के दौरान किसी को भी इस तरह की चेकिंग से छूट देता हो.

मोहम्मद मोहसिन से निलंबन पर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस ने कहा था कि वो अधिकारी अपनी ड्यूटी कर रहा था. उसे आखिर क्यों हटाया क्या. आखिर पीएम मोदी अपने हेलीकॉप्टर में ऐसा क्या लेकर जा रहे थे जो देश से छिपाना चाहते थे. बता दें कि एक दिन पहले ही मोहम्मद मोहसिन को वापस कर्नाटक भेज दिया गया था. वह कर्नाटक काडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. रिपोर्टों में कहा गया है कि संबलपुर निर्वाचन क्षेत्र में इस चेकिंग के कारण प्रधानमंत्री को 15 मिनट की देरी हुई थी.

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1996 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन पर आदेश की उवहेलना और ड्यूटी के दौरान निर्देशों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया था.

VIDEO: प्राइम टाइम : क्या पीएम के हेलीकॉप्टर की जांच नहीं की जा सकती?



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)