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रिकॉर्ड बनाएगा इसरो, एक साथ भेजे जा रहे 20 उपग्रहों में गूगल का सैटेलाइट भी शामिल

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रिकॉर्ड बनाएगा इसरो, एक साथ भेजे जा रहे 20 उपग्रहों में गूगल का सैटेलाइट भी शामिल
नई दिल्ली:

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, यानी इसरो पहली बार गूगल की किसी कंपनी द्वारा बनाया गया हाई-टेक उपग्रह अंतरिक्ष में लॉन्च करने जा रहा है, और इसे बुधवार को श्रीहरिकोटा से अन्य 19 उपग्रहों के साथ लॉन्च किया जाएगा, जो अपने आप में रिकॉर्ड लॉन्च होगा।

पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) अपनी 36वें प्रक्षेपण के दौरान 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जाएगा, जिसकी लागत अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों की तुलना में 10 गुना कम होगी।

अमेरिका-निर्मित कुल 13 उपग्रह होंगे लॉन्च...
इसरो भारत-अमेरिका मित्रता के प्रतीक के रूप में 13 अमेरिका-निर्मित छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजेगा, जिनमें गूगल के मालिकाना हक वाली कंपनी टेरा बेला (Terra Bella) द्वारा बनाया गया पृथ्वी की तस्वीरें खींचने वाला उपग्रह भी शामिल है। गूगल का यह सैटेलाइट स्काईसैट जेन 2 (SkySat Gen-2) 110 किलोग्राम वज़न का है, और यह सब-मीटर रिसॉल्यूशन की तस्वीरें खींचने तथा हाई-डेफिनिशन वीडियो बनाने में सक्षम है।

इसरो के अध्यक्ष किरण कुमार ने NDTV से कहा, "एक ही बार में 20 उपग्रहों को लॉन्च करना 'पक्षियों को अंतरिक्ष में उड़ने देने' जैसा है... जो छोटी-छोटी चीज़ें आप अंतरिक्ष में रखने जा रहे हैं, उनमें से प्रत्येक अपना-अपना काम करेगी, जो एक-दूसरे से बिल्कुल अलग और स्वतंत्र है, और प्रत्येक उतना समय वहां बिताएगा, जितने समय के लिए उसे डिज़ाइन किया गया है..."
 


इस वक्त सबसे ज़्यादा उपग्रह लॉन्च करने का रिकॉर्ड रूस के पास...
वर्ष 2008 में 28 अप्रैल को इसरो ने एक ही बार में सबसे ज़्यादा उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने का विश्वरिकॉर्ड बनाया था, जब पीएसएलवी एक साथ 10 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा था, लेकिन वर्ष 2013 में अमेरिकी मिनोटॉर-1 रॉकेट ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया, और एक साथ 29 उपग्रह ले गया, और फिर अगले ही साल रूस ने रिकॉर्ड पर कब्जा कर लिया, जब उन्होंने डीएनईपीआर रॉकेट के ज़रिये एक साथ 33 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे।

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320 टन वज़न वाला पीएसएलवी बुधवार को कनाडा, इंडोनेशिया, जर्मनी और अमेरिका आदि देशों के 17 छोटे उपग्रहों को ले जा रहा है, लेकिन इस लॉन्च का सबसे प्रमुख उपग्रह 727 किलोग्राम वज़न का पृथ्वी की निगरानी करने वाला भारतीय 'कार्टोसैट' होगा, जो सब-मीटर रिसॉल्यूशन में तस्वीरें खींच सकता है। इसके अलावा इसी लॉन्च में दो अन्य भारतीय 'सत्यभामासैट' और 'स्वयं' भी अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।

इसरो इस लॉन्च के साथ ही अरबपतियों एलॉन मस्क और जेफ बेज़ोस की कंपनियों के मुकाबले में पहुंच जाएगा, जिन्होंने कहीं कम कीमतों में लॉन्च की पेशकश देकर अंतरिक्ष प्रक्षेपण के उद्योग में दस्तक दी है। इसरो अब तक लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 उपग्रहों को लॉन्च कर चुका है, और इसके ज़रिये उसने अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए हैं।



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