रेप की बढ़ती घटनाओं पर बोलीं निर्मला सीतारमण, घर में बड़े होते लड़कों को सीख दिये जाने की दरकार

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह ज़िम्मेदारी महिलाओं पर नहीं डाली जा सकती कि उनके परिधानों का तरीक़ा पुरुषों को आकर्षित करता है.

रेप की बढ़ती घटनाओं पर बोलीं निर्मला सीतारमण, घर में बड़े होते लड़कों को सीख दिये जाने की दरकार

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली:

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश मे बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर कहा है कि यह घटनाएं बेहद चिंता का विषय हैं और इसके लिए घर में बड़े होते लड़कों को सीख दिये जाने की दरकार है. इसके लिए क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को सक्रिय होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह ज़िम्मेदारी महिलाओं पर नहीं डाली जा सकती कि उनके परिधानों का तरीक़ा पुरुषों को आकर्षित करता है. रक्षा मंत्री के मुताबिक जब वृद्ध महिलाओं का भी रेप होता है तो आप क्या कहेंगे. यह हम पर निभर करता है कि लड़कों की सोच कैसे विकसित हो. उनके अनुसार लड़कों को भी बराबर सलाह दिये जाने की दरकार है.

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बात महिला सशक्तिकरण पर फिक्की लेडीज़ ऑर्गेनाइजेशन के समारोह में कहीं. जब उनसे पूछा गया कि सीमा पर बाहरी शत्रु से आप हमारी रक्षा कर सकते हैं किंतु आतंरिक शत्रु से कैसे करेंगे, जिस तरह महिलाओं, बच्चियों और वृद्धाओं तक का बलात्कार होता है.

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उन्होंने कहा कि पुलिस में सुधार होना चाहिए लेकिन जब रेप की 10 घटनाओं में 7 घटनाओं को शिकार महिलाओं के परिचितों ने अंजाम दिया होता है तो इसमें कोई बाहरी एजेंसी क्या कर सकती है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि निजी कंपनियों के बोर्ड्स में महिलाओं की भागीदारी नाकाफी है. इन बोर्ड्स में सबसे ज़्यादा सुधार करने की आवश्यकता है. सरकार के कदमों का ज़िक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की मुद्रा लोन योजना से सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को हुआ है.

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उन्होंने कहा कि सशत्र बलों में महिलाओं के आने के मामले में सरकार खुले दिमाग़ से चल रही है. उन्होंने कहा कि शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेना में आई महिलाओं को स्थायी कमीशन देने की योजना पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों में अलग नियम हैं. हम इनमें तारतम्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं. सीतारमण ने कहा कि 2010 में जब उनको बीजेपी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया तब वह दिल्ली से बाहर अपने घर तभी गई जब कोई त्यौहार पड़ता था, बाकी समय वह लगातार पार्टी के काम करती रही, मैं यही कहना चाहती हूं की आप जिस काम में हैं वहां अपना सौ प्रतिशत दीजिए.

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