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चुनावी चंदे के मामले में बीजेपी अमीर; कांग्रेस गरीब, हिसाब देने में दोनों सुस्त

चुनाव सुधारों के लिए काम कर रही संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोर्म ने आंकड़े जारी किए

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चुनावी चंदे के मामले में बीजेपी अमीर; कांग्रेस गरीब, हिसाब देने में दोनों सुस्त

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. बीजेपी की आमदनी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 81% से अधिक बढ़ी
  2. कांग्रेस की आमदनी में 14% की गिरावट हुई
  3. दोनों ही पार्टियों ने ऑडिट रिपोर्ट जमा करने में 3 से 4 माह की देरी की
नई दिल्ली: बीजेपी की अमीरी बढ़ रही है और कांग्रेस ग़रीब हो रही है लेकिन दोनों ही पार्टियां अपने खर्च और कमाई की ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के मामले में सुस्त हैं.  

चुनाव सुधारों के लिए काम कर रही संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोर्म यानी एडीआर ने जो मंगलवार को जो आंकड़े जारी किये वह यही बताते हैं.जहां बीजेपी की आमदनी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 81% से अधिक बढ़ी है वहीं कांग्रेस की आमदनी में 14% की गिरावट हुई है लेकिन दोनों ही पार्टियों ने ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग में जमा करने में 3 से 4 महीने की देरी की है.

बीजेपी और कांग्रेस समेत कुल सात पार्टियों के खर्च और आमदनी का ब्योरा एडीआर ने दिया है. इसमें बीएसपी, एनसीपी, सीपीआई और सीपीएम के साथ तृणमूल कांग्रेस शामिल है. यह ब्योरा इन पार्टियों द्वारा चुनाव आयोग में जमा दस्तावेजों के आधार पर दिया गया है. बीजेपी की कमाई पिछले साल यानी 2016-17 में 1034.27 करोड़ हुई है जो उसके पिछले वित्तीय वर्ष की कमाई से 81.18%अधिक है.

चुनाव आयोग में दाखिल पेपर बताते हैं कि बीजेपी के खर्च उसकी कमाई से कम हैं. उधर राजनीतिक रूप से धराशायी कांग्रेस की कमाई 261.56 करोड़ से गिरकर 225.36 करोड़ हुई है यानी करीब 14 प्रतिशत की कमी. कांग्रेस के खर्च हालांकि उसकी आमदनी से अधिक है. दोनों ही पार्टियों ने चंदे को आमदनी का प्रमुख स्रोत बताया है.

इन सात राजनीतिक पार्टियों की कुल आमदनी करीब 1560 करोड़ और खर्च करीब 1228 करोड़ हैं. लेकिन जमा - खर्च का हिसाब देने में कांग्रेस बीजेपी समेत ज्यादातर पार्टियां सुस्त और लापरवाह हैं. बीजेपी ने अपना हिसाब तीन महीने से अधिक देरी से जमा किया और कांग्रेस ने करीब साढ़े चार महीने की देरी से. एडीआर का कहना है कि हिसाब देने के मामले में दो बड़ी पार्टियों के साथ एनसीपी और सीपीआई भी पिछले 5 सालों से देरी कर रही हैं.

वर्ष 2016- 17 में देश की सात राष्ट्रीय पार्टियों ने कुल 1,559.17 करोड़ रुपये की आय घोषित की. इनमें भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) की आय सबसे ज्यादा 1,034.27 करोड़ रुपये रही. एडीआर ने रिपोर्ट में कहा है , ‘‘ यह राशि वर्ष 2016- 17 में राष्ट्रीय दलों द्वारा जुटाई गई कुल राशि का 66.34 प्रतिशत है. ’’ इस आय के लिहाज से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ( आईएनसी ) का दूसरा स्थान रहा है. कांग्रेस को आलोच्य वर्ष के दौरान राष्ट्रीय दलों को प्राप्त कुल राशि में से 225.36 करोड़ रुपये यानी 14.45 प्रतिशत राशि मिली है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( सीपीआई ) को इस दौरान सबसे कम 2.08 करोड़ रुपये यानी 0.13 प्रतिशत की आय हुई है.ये आंकड़े देशभर में राजनीतिक दलों द्वारा दाखिल की गई आयकर रिटर्न से जुटाए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की सात राष्ट्रीय पार्टियों ने वर्ष के दौरान कुल 1,228.26 करोड़ रुपये का कुल व्यय घोषित किया है.

भाजपा ने 2016-17 में सबसे ज्यादा 710.05 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया है. जबकि कांग्रेस ने इस दौरान कुल 321.66 करोड़ रुपये का खर्च किया है जो कि उसकी वर्ष के दौरान हुई आय से 96.30 करोड़ रुपये ज्यादा है. बहुजन समाज पार्टी ( बसपा ) को 2016- 17 में कुल 173.58 करोड़ रुपये की आय हुई है जबकि उसका कुल व्यय 51.83 करोड़ रुपये रहा है.

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( एनसीपी ) की आय पिछले दो वर्ष में 88.63 प्रतिशत बढ़कर 17.23 करोड़ रुपये हो गई. 2015-16 में पार्टी की कुल आय 9.14 करोड़ रुपये थी.भाजपा और कांग्रेस ने आय के अपने तीन मुख्य स्रोतों में से अनुदान , योगदान को प्रमुख स्रोत बताया है.
(इनपुट भाषा से भी)


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