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Independence Day: तीन तलाक पर बोले PM मोदी- अगर देश में सती प्रथा, दहेज और भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून बना सकते हैं तो...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में ध्वजारोहण करने से पहले राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में ध्वजारोहण करने से पहले राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मोदी लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल पर ध्वजारोहण करने और राष्ट्र को संबोधित करने के लिए रवाना हो गए. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्रचीर से मोदी का यह लगातार छठा और दोबारा सत्ता में आने के बाद पहला संबोधन रहा. पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान किसानों, प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों, डॉक्टरों, मुस्लिम महिलाओं समेत कई मुख्य बिंदुओं पर बात की. उन्होंने तीन तलाक मुद्दे पर कहा, ''मुस्लिम महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए अहम काम किया, हमने तीन तलाक के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम उठाया.''

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पीएम मोदी ने कहा, मुस्लिम महिलाओं को सरकार ने तीन तलाक से मुक्ति दिलाई जिससे उनके अधिकारों की रक्षा की जा सकें. देश की मुस्लिम बेटियां डरी हुई थीं. भले ही वो तीन तलाक की शिकार नहीं बनी हों लेकिन उनके मन में डर रहता था. तीन तलाक को कई इस्लामिक देशों ने भी खत्म कर दिया था, तो हमने क्यों नहीं किया. अगर देश में सती प्रथा, दहेज और भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून बना सकते हैं तो तीन तलाक के खिलाफ क्यों नहीं.

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से तीन तलाक के अलावा कई मुख्य बिंदुओं पर भी बात की. उन्होंने कहा, ''GST के माध्यम से 'वन नेशन, वन टैक्स' को साकार किया, अब अनुच्छेद 370 हटाकर 'वन नेशन, वन कॉन्स्टीट्यूशन' को साकार किया है. अब 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर चर्चा कर उसे साकार करना है.'' 

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पीएम मोदी ने पानी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि ''कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हों देश का गरीब उसको झेलने की क्षमता रखता है. आजादी के 70 साल हो गए. बहुत सी सरकारों ने अपने-अपने तरीके से कोशिश की है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि देश के आधे घर ऐसे हैं जिनको पीने का पानी नहीं है. माताओं और बहनों को मटकों को सिर पर लेकर कई किलोमीटर तक चलना पड़ता है. हर घर को जल कैसे मिले इसके लिए हम लाल किले से घोषणा करते हैं, जल जीवन मिशन का ऐलान करते हैं और इस पर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. जल संचयन का काम होगा, पानी बचाने का अभियान हो, बचपन से ही पानी के महत्व की शिक्षा दी जाए. पानी के क्षेत्र में पिछले 70 साल में जो काम हुआ 5 सालों में चार गुना काम करना है.''



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