सबसे अहम उद्योगों का इंडेक्स 6.5 फीसदी गिरा, मोदी सरकार का अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ही दिन में दो महत्वपूर्ण बैठकें बुलाईं, फ़ास्ट ट्रैक करने तथा घरेलू क्षेत्र को बढ़ावा देने को जरूरी माना गया

सबसे अहम उद्योगों का इंडेक्स 6.5 फीसदी गिरा, मोदी सरकार का अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जोर

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अर्थव्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बैठक ली.

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट और लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से अर्थव्यवस्था की रफ़्तार गिरती जा रही है. मार्च में आठ सबसे अहम कोर उद्योगों का इंडेक्स 6.5 % गिर गया. सीमेंट प्रोडक्शन 24 फीसदी से ज्यादा गिर गया है. अब मोदी सरकार (Modi Government) ने अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने के लिए अर्थव्यवस्था में नया निवेश बढ़ाने  के लिए नई रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है. 

मोदी सरकार का जोर अब अर्थव्यवस्था पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज एक ही दिन में दो महत्वपूर्ण बैठकें बुलाईं. यह बैठकें विदेशी निवेश बढ़ाने तथा कोयला व खनन क्षेत्र को लेकर बुलाई गईं. इनमें जो बात उभरी उसमें विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए फ़ास्ट ट्रैक करने तथा घरेलू क्षेत्र को बढ़ावा देने को जरूरी माना गया. कोयला तथा खनन क्षेत्र में कोविड 19 की महामारी के मद्देनजर अधिक सुधार पर दिया जोर गया. ऑटो सेक्टर की समस्याओं को सुनने के लिए भी बैठक हुई. भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ऑटो सेक्टर के दिग्गजों से मंत्रणा की. 

कोरोना वायरस संकट का साया अर्थव्यवस्था पर गहराता जा रहा है. अब उद्योग और व्यापार को लॉकडाउन से सीमित छूट देने की रणनीति तैयार करने में जुटी सरकार अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने की तैयारियों में लग गई है.

गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री और गृह मंत्री के साथ बैठक करके फास्ट-ट्रैक मोड से ज़्यादा विदेशी निवेश लाने के साथ-साथ घरेलू निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा की. बैठक में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल को बढ़ाने पर चर्चा की गई. इसके तहत डेवलपर्स को ऑक्शन के ज़रिए प्रोजेक्ट देने से पहले उन्हें ज़रूरी मंज़ूरी दी जाती हैं. 

गुरुवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ने कोयला और माइनिंग सेक्टर में आर्थिक सुधार के विकल्पों पर बैठक की. पीएमओ के मुताबिक बैठक में स्थानीय स्रोतों से खनिज पदार्थों की उपलब्धता बढ़ाने, एक्सप्लोरेशन बढ़ाने और इस सेक्टर में नया निवेश और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे विकल्पों पर चर्चा की गई. फोकस इस सेक्टर में रोज़गार के नए अवसर पैदा करने पर भी था. 

लॉकडाउन की वजह से ठप पड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती ही जा रही है. गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने आंकड़े जारी कर कहा कि मार्च 2020 में आठ कोर सेक्टरों का इंडेक्स मार्च 2019 के मुकाबले  6.5% गिर गया. कोयला को छोड़कर बाकी सभी सात कोर सेक्टरों में गिरावट दर्ज़ हुई है. सीमेंट सेक्टर में सबसे ज्यादा 24.7 % गिरावट आई है. जबकि नेचुरल गैस का प्रोडक्शन 15.2 % तक गिर गया है. 

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उधर लॉकडाउन के नियमों में छूट के बाद अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए मज़दूरों को निकालने का काम  तेज़ हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को एनजीओ और सिविल सोसायटी संगठनों से इस काम को आगे बढ़ाने में मदद मांगी. 

देश में लॉकडाउन 24 मार्च को लगाया गया. साफ़ है आठ अहम उद्योगों में जो गिरावट दर्ज़ हुई है वो लॉकडाउन के असर को पूरी तरह से सरकारी आकड़ों में रिफ्लेक्ट नहीं कर रहा है. अप्रैल के जब आकड़े आएंगे तो ये गिरावट और बड़ी होगी.