भारत और चीन के बीच सैन्य वार्ता में LAC के साथ यथास्थिति बहाल करने पर वार्ता अनिर्णायक रही : सूत्र

भारत (India) और चीन (China) के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर यथास्थिति बहाल करने के लिए वार्ता अनिर्णायक बनी हुई है.

भारत और चीन के बीच सैन्य वार्ता में LAC के साथ यथास्थिति बहाल करने पर वार्ता अनिर्णायक रही : सूत्र

लद्दाख में भारत और चीन के बीच एलएसी के आसपास तनाव की स्थिति बनी हुई है

नई दिल्ली:

भारत (India) और चीन (China) के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर यथास्थिति बहाल करने के लिए वार्ता अनिर्णायक बनी हुई है. यह जानकारी सूत्रों ने एनडीटीवी को दी है. दोनों देशों के वरिष्ठ कमांडरों के बीच छठे दौर की बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में संचार को मजबूत करने, गलतफहमी से बचने और फ्रंटलाइन पर अधिक सैनिकों को भेजने से परहेज करने पर जोर दिया गया है.

लेकिन यह जोड़ा गया है,"एकतरफा रूप से जमीन में स्थिति को बदलने से बचें और उन कार्यों से बचें जो स्थिति को जटिल कर सकते हैं." फिलहाल ये साफ नहीं है कि ऐसा वर्तमान स्थिति के संदर्भ में कहा गया है या उस यथास्थिति के बारे में जो इस साल चीनी सैनिकों के आक्रामक होने के पहले थी. 

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पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए कई कदमों की घोषणा करते हुए भारत और चीन की सेनाओं ने अग्रिम मोर्चे पर और अधिक सैनिक न भेजने का निर्णय किया है. भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच हुई छठे दौर की वार्ता के संबंध में भारतीय सेना और चीनी सेना ने मंगलवार देर शाम एक संयुक्त बयान में कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति को स्थिर करने के मुद्दे पर दोनों पक्षों ने गहराई से विचारों का अदान-प्रदान किया और दोनों पक्ष अपने नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति के ईमानदारी से क्रियान्वयन पर सहमत हुए.

पूर्वी लद्दाख में गतिरोध को समाप्त करने के उद्देश्य से दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच सोमवार को 14 घंटे तक बैठक चली थी. बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष आपस में संपर्क मजबूत करने और गलतफहमी तथा गलत निर्णय से बचने पर सहमत होने के साथ ही अग्रिम मोर्चे पर और अधिक सैनिक न भेजने, जमीनी स्थिति को एकतरफा ढंग से न बदलने पर सहमत हुए.

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इसमें कहा गया कि भारतीय और चीनी सेना ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने को सहमत हुईं जो स्थिति को जटिल बना सकती हैं. इसके साथ ही दोनों पक्ष समस्याओं को उचित ढंग से सुलझाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक कदम उठाने पर सहमत हुए. बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष जल्द से जल्द सैन्य कमांडर स्तर की सातवें दौर की वार्ता करने पर सहमत हुए.

(भाषा से इनपुट के साथ)

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लद्दाख तनाव : सीमा पर शांति के लिए भारत-चीन के कोर कमांडरों की बातचीत