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चीन का राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए भारत-चीन के सैनिकों ने की बैठक, मित्रता और सीमा पर शांति बनाए रखने का लिया संकल्प

भारत और चीन के सैनिकों ने चीन का राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए नाथू ला, बम ला, किबिथू और पूर्वी लद्दाख में मंगलवार को रस्मी सीमा कर्मी बैठकें (बीपीएम) कीं.

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चीन का राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए भारत-चीन के सैनिकों ने की बैठक, मित्रता और सीमा पर शांति बनाए रखने का लिया संकल्प

भारत और चीन के सैनिकों ने मंगलवार को रस्मी सीमा कर्मी बैठकें (बीपीएम) कीं

नाथुला पास:

भारत और चीन के सैनिकों ने चीन का राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए नाथू ला, बम ला, किबिथू और पूर्वी लद्दाख में मंगलवार को रस्मी सीमा कर्मी बैठकें (बीपीएम) कीं. बैठकों में दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच करीब 3500 किलोमीटर लंबी सीमा पर शांति कायम रखने के विषय पर बातचीत की. भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने मित्रता को प्रगाढ़ करने और सीमा पर शांति बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया.

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बताते चले कि सिक्किम में नाथुला पास पर चीन के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक हुई. यह बैठक चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की तीन दिवसीय भारत यात्रा से पहले हुई है. सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नाथुला पास पर सीमा पर चीन की ओर जाने के लिए भारतीय सेना के अफसरों का नेतृत्व नाथुला गेरिसन कमांडर ए एस डडवाल ने किया. यह बैठक सुबह दस बजे से दोपहर करीब डेढ़ बजे तक चली.


अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ कर्नल युआन बीपीएम (सीमा कर्मी बैठक) में चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे. यह अनौपचारिक बातचीत थी. नाथुला पास के अलावा, भारत और चीन ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के किबिथु और लद्दाख के चिशुल सहित चार अन्य स्थानों पर सीमा कर्मियों की बैठकें कीं. किबिथू और बम ला के बीपीएम केन्द्र अरुणाचल प्रदेश में वहीं नाथू ला सिक्किम में है.

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बता दें कि चीन ने 1 अक्टूबर को साम्यवादी शासन की 70वीं वर्षगांठ (China National Day) मनाई. इस मौके पर बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बीच भव्य परेड निकाली गई जिसमें उसने परमाणु और हाइपरसोनिक मिसाइलों समेत अपने सबसे आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया. इसमें DF-41 भी शामिल थी, यह दुनिया की उन मिसाइलों में शामिल है जो सबसे अधिक मारक क्षमता रखती हैं.

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वर्षगांठ के आधिकारिक समारोह की शुरुआत 30 सितंबर को हो गई थी जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग (Xi Jinping) ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के संस्थापक माओ जेडोंग की संरक्षित रखी गई पार्थिव देह को श्रद्धांजलि दी.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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