भारत-चीन के लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अफसरों की बैठक कल, LAC पर तनाव और कम करने पर होगी चर्चा..

कमांडरों की बैठक में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) के आसपास तनाव और कम करने पर बातचीत होगी. बैठक में सीमा पर तैनात हजारों की संख्या में तैनात जवान, गन, टैंक, हथियार रॉकेट लांचर, मिसाइल, फाइटर जेट को हटाने की टाइम लाइन तय करने पर बातचीत होगी.

भारत-चीन के लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अफसरों की बैठक कल, LAC पर तनाव और कम करने पर होगी चर्चा..

भारत और चीन के लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत मंगलवार को होगी

नई दिल्ली:

India-China Standoff: भारत और चीन के लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत मंगलवार को चुशुल (Chushul)में होगी. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार, चौथे दौर की बातचीत सुबह 11.30 बजे शुरू होगी. कमांडरों की बैठक में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) के आसपास तनाव और कम करने पर बातचीत होगी. बैठक में सीमा पर तैनात हजारों की संख्या में तैनात जवान, गन, टैंक, हथियार रॉकेट लांचर, मिसाइल, फाइटर जेट को हटाने की टाइम लाइन तय करने पर बातचीत होगी.एलएसी के दोनों ओर जवानों के पीछे हटने पर बात होगी.इससे पहले दो दफा चीन के मोलदो और एक बार भारत के चुशुल में बातचीत हुई थी. 

इस बार बातचीत के एजेंडे के तहत उन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा जिस पर 30 जून को हुई बैठक में सहमति बनी थी. भारत और चीन के बीच एलएसी पर जहां-जहां तनाव बना हुआ है वहां पर तनाव कम करने को लेकर इस बैठक में चर्चा होगी. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच 6 जून और 22 जून को चीन के मोलदो में और 30 जून को चुशुल में बातचीत हुई थी.

पूवी लद्दाख (East Ladakh) की गलवान घाटी में पिछले माह भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए थे. तनाव को कम करने और एलएसी से सैनिकों को पीछे हटाने के लिए दोनों पक्षों के बीच  बातचीत हुई थी. गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प में भारत के 20 जवानों की जान गई थी जबकि चीन के 40 से ज्यादा सैनिकों के हताहत होने की खबर आई थी. गौरतलब है कि पिछले सप्‍ताह विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों लोगों ने LAC पर शांति स्थापित करने और भारत-चीन सीमा विवाद को बातचीत के जरिेए सुलझाने को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी. दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों पक्षों को एलएसी का कड़ाई से सम्मान करना चाहिए और यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए. 

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