भारत ने UNSC में प्रतिबंध समिति के कामकाज का राजनीतिकरण करने के लिये पाकिस्तान की आलोचना की

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के कामकाज का ‘राजनीतिकरण करने का खुला प्रयास’ करने के लिये बृहस्पतिवार को पाकिस्तान की आलोचना की.

भारत ने UNSC में प्रतिबंध समिति के कामकाज का राजनीतिकरण करने के लिये पाकिस्तान की आलोचना की

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (फाइल फोटो).

नई दिल्ली:

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के कामकाज का ‘राजनीतिकरण करने का खुला प्रयास' करने के लिये बृहस्पतिवार को पाकिस्तान की आलोचना की. इस मामले में चार भारतीयों को सूचीबद्ध कराने के पाकिस्तान के कदम को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अवरूद्ध कर दिया गया.

पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल करने के लिए अंगारा अप्पाजी, गोबिंद पटनायक, अजय मिस्त्री और वेणुमाधव डोंगरा का नाम दिया था. हालांकि, परिषद में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम ने इस कदम को अवरूद्ध कर दिया जिससे पाकिस्तान की यह कोशिश नाकाम हो गई.

सूत्रों ने बताया कि मिस्त्री और डोंगरा के नाम इस सूची में शामिल करने के पाकिस्तान के आग्रह को इससे पहले जून/जुलाई में भी अवरूद्ध कर दिया गया था और बुधवार को दो अन्य लोगों के संबंध में प्रयास को अवरूद्ध कर दिया गया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस बारे में एक सवाल के जवाब में साप्ताहिक डिजिटल प्रेस वार्ता में कहा कि पाकिस्तान की ओर से दो और नामों को 1267 आईएसआईएस और आलकायदा सूची में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया था .

उन्होंने कहा, ‘‘ इस पर परिषद के कुछ सदस्यों ने आपत्ति की और इसके बाद सचिवालय ने पाकिस्तान के प्रस्ताव को ब्लाक कर दिया और एक अधिसूचना जारी की. और इस तरह पाकिस्तान का सभी चार भारतीयों को 1267 प्रतिबंध सूची में शामिल करने का प्रयास विफल हो गया.'' 

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प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय मिशन ने 1267 विशेष प्रक्रिया को धार्मिक रंग देकर इसका राजनीतिकरण करने के पाकिस्तान के खुले प्रयास को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नाकाम करने पर परिषद को धन्यवाद दिया. कुलभूषण जाधव से संबंधित एक सवाल के जवाब में श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ हम इस मामले में राजनयिक माध्यम से पाकिस्तान के सम्पर्क में है और भारत सरकार कुलभूषण जाधव की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये हर संभव कदम उठा रही है. '' 

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गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने जाधव की मौत की सजा के खिलाफ समीक्षा याचिका पर विचार किये जाने की स्थिति में पाकिस्तान की अदालत में जाधव का प्रतिनिधित्व करने के लिये भारतीय वकील तय करने पर जोर दिया था. जाधव को अप्रैल 2017 में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)