वित्त मंत्री ने साफ किया, अन्य देशों में कमाई पर टैक्स लगाने की मंशा नहीं लेकिन...

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि प्रवासी भारतीयों की विदेशों में होने वाली इनकम पर टैक्स लगाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है.

वित्त मंत्री ने साफ किया, अन्य देशों में कमाई पर टैक्स लगाने की मंशा नहीं लेकिन...

वित्त मंत्री ने शनिवार को अपने बजट भाषण में प्रवासी भारतीयों पर टैक्स लगाये जाने की घोषणा की थी

नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि प्रवासी भारतीयों की विदेशों में होने वाली इनकम पर टैक्स लगाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. उनकी केवल भारत में होने वाली इनकम पर ही टैक्स लगाया जाएगा. वित्त मंत्री ने शनिवार को अपने बजट भाषण में प्रवासी भारतीयों पर कर लगाये जाने के बारे में घोषणा की थी. इस घोषणा को लेकर प्रवासियों के बीच उनकी विदेशों में होने वाली कमाई पर कर लगने को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा होने लगी. सीतारमण ने इस संबंध में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, "हम अब जो कर रहे हैं वह यह है कि प्रवासी भारतीयों की भारत में होने वाली इनकम पर यहां टैक्स लगाया जाएगा. यदि उनकी किसी दूसरे देश अथवा अलग अधिकार क्षेत्र में कोई आय होती है जहां टैक्स नहीं लगता है, तो उनकी उस इनकम को मैं यहां शामिल नहीं कर रही हूं, उनकी यह कमाई विदेश की है." 

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बजट बाद संवाददाता सम्मेलन में सीतारमण ने इस बारे में और स्पष्ट करते हुए कहा आप दुबई में जो कमा रहे हैं मैं उस पर टैक्स नहीं लगा रही. उन्होंने स्पष्ट किया, "आपकी यदि कोई संपत्ति भारत में है, आपने उसे किराये पर दिया है, लेकिन आप विदेश में रहते हैं इसलिये यहां किराये पर मिलने वाली कमाई को आप वहां ले जाते हैं. आप वहां भी टैक्स नहीं देते हैं और यहां भी नहीं देते हैं. आपकी यह संपत्ति भारत में है, इसलिये मुझे इस पर टैक्स लगाने का संप्रभु अधिकार है." वित्त विधेयक 2020 में यह प्रस्ताव किया गया है कि यदि कोई भारतीय नागरिक किसी देश अथवा दूसरे अधिकार क्षेत्र में कर देने का पात्र नहीं है तो उसे भारत में निवास करने वाला नागरिक माना जाएगा. यह स्थितियों का लाभ उठाने से रोकने वाला प्रावधान है. क्योंकि यह देखा गया है कि कुछ भारतीय नागरिक भारत कर देने से बचने के लिये ऐसे देशों अथवा अलग स्थानों में चले जाते हैं जहां कोई कर नहीं देना होता है अथवा बहुत कम कर लगता है. 

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मंत्रालय द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है, "इस नये प्रावधान में उन भारतीय नागरिकों को कर दायरे में लाने की कोई मंशा नहीं है विदेशों में काम कर रहे हैं. मीडिया के एक हिस्से में इस प्रावधान को इस तरह परिभाषित किया गया है कि पश्चिम एशिया सहित विदेशों में काम कर रहे भारतीय, जो वहां कर नहीं दे रहे हैं उन पर भारत में कर लगाया जाएगा. इस प्रावधान की इस तरह की व्याख्या सही नहीं है."

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