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भारत-नेपाल के बीच दक्षिण एशिया की पहली क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन की शुरुआत, जानिए 5 बड़ी बातें

पीएम मोदी ने अपने नेपाली समकक्ष केपी शर्मा ओली के साथ रिमोट के जरिए मोतिहारी-अमालेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन का उद्घाटन किया.

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नई दिल्ली: पीएम मोदी ने अपने नेपाली समकक्ष केपी शर्मा ओली के साथ रिमोट के जरिए मोतिहारी-अमालेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन का उद्घाटन किया. पीएम मोदी नई दिल्ली में अपने कार्यालय में और उनके नेपाली समकक्ष केपी शर्मा ओली काठमांडु में मौजूद थे. इस परियोजना का प्रस्ताव साल 1996 में पेश हुआ था. लेकिन 2014 में मोदी सरकार आने के बाद इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू हुआ और 2015 में दोनों देशों ने इस पर समझौते के लिए हस्ताक्षर किये. जुलाई में दोनों देशों ने सफलतापूर्वक ऑयल पाइपलाइन के जरिए ट्रांसफर का परीक्षण भी कर लिया था. इस परियोजना के बारे में पीएम मोदी ने कहा, 'मई 2019 में नेपाल के पीएम की भारत यात्रा के दौरान, हम प्रोजेक्ट के जल्द उद्घाटन पर सहमत हुए थे. मुझे खुशी है कि हमारी संयुक्त कोशिशों से हमारे द्विपक्षीय प्रोजेक्ट प्रगति कर रहे हैं और आज हम मोतीहारी-अमलेखगंज पाइप लाइन के संयुक्त उद्घाटन में भाग ले रहे हैं.'
पाइपलाइन के फायदे से जुड़ी 5 बड़ी बातें
  1. पीएम मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस पाइपलाइन का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, मुझे खुशी है कि हमारी संयुक्त कोशिशों से हमारे द्विपक्षीय प्रोजेक्ट प्रगति कर रहे हैं. 
  2. मोतिहारी-अमलेखगंज (नेपाल) पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन दक्षिण एशिया की पहली क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन है. इस पाइपलाइन को नेपाल के अमलेखगंज से बिहार से मोतिहारी के बीच बिछाया गया है. 
  3. यह पाइपलाइन नेपाल के लिए बड़ा बदलाव लायेगी और वहां तेल भंडारण की समस्‍या से निजात दिलाने में मदद करेगी. उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'मई 2019 में भारत की नेपाल के प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान यात्रा के दौरान, हम पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स के जल्द उद्घाटन पर सहमत हुए थे.
  4. इस परियोजना के जरिये कीमत में कमी आयेगी और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा. पीएम मोदी ने कहा, 'विकास के लिए हमारी साझेदारी को और सक्रिय बनाने और नए क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के लिए हमने नए अवसरों का लाभ उठाया है.' 
  5. 69 किमी लंबी पाइपलाइन की वजह से भारत-नेपाल ईंधन के ट्रांसपोर्ट पर खर्च में कमी आएगी. पीएम मोदी ने कहा, 'यह बहुत संतोष का विषय है कि दक्षिण एशिया की यह पहली क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन रिकॉर्ड समय में पूरी हुई है. जितनी अपेक्षा थी, उससे आधे समय में यह बन कर तैयार हुई है.



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