कोरोना के बीच पाकिस्तान द्वारा करतारपुर गलियारा खोलने के प्रस्ताव पर भारत ने कही यह बात...

पाकिस्तान ने द्विपक्षीय समझौते में प्रतिबद्ध होने के बावजूद रावी नदी के बाढ़ क्षेत्र में अपनी तरफ से एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण नहीं किया है.

पाकिस्तान द्वारा सिख तीर्थ स्थल गुरुद्वारा करतारपुर साहिब पर बने कॉरिडोर को आने जाने के लिए फिर से खोलने के प्रस्ताव पर भारत ने ऐतराज जताया है. एनडीटीवी को सरकार के सूत्रों ने बताया है, 'कोरोना महामारी के चलते अभी सीमापार सामान्य आवागमन बंद है. इस तरह का कोई फ़ैसला आगे की स्वास्थ्य स्थितियों को देखकर और संबंध मंत्रालयों ये सलाह मशवरे के बाद ही लिया जाएगा.'

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा इतने कम समय में यह फैसला लेना सद्भावना की आड़ में धोखा देने जैसा है. सूत्रों का कहना है कि जब पूरी दुनिया में कोरोनावायरस संक्रमण फैला हुआ है और ऐसे में पाकिस्तान दो दिन को शॉर्ट नोटिस पर कहता है कि 29 जून से करतारपुर गलियारे को सीख श्रद्धालुओं के लिए खोलने जा रहे है, तो इससे क्या संदेश मिलता है?

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय समझौते के मुताबिक यात्रा की जानकारी यात्रा की तारीख से कम से कम 7 दिन पहले भारत द्वारा पाकिस्तान के साथ साझा की जानी चाहिए. सामान्य तरीका यह है कि पंजीकरण प्रक्रिया को पहले से ही खोल दिया जाए. सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा, पाकिस्तान ने द्विपक्षीय समझौते में प्रतिबद्ध होने के बावजूद रावी नदी के बाढ़ क्षेत्र में अपनी तरफ से एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण नहीं किया है.

सूत्रों ने कहा कि यह भी देखना होगा कि मानसून के दौरान गलियारे से तीर्थयात्रा संभव और सुरक्षित है या नहीं. 2013 में, जब इस क्षेत्र में बाढ़ आई थी, तब पंजाब के गुरदासपुर में लोगों को बहुत नुकसान हुआ था.

4.5 किमी लंबा यह गलियारा पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब के साथ जोड़ता है, जो कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग 4 किलोमीटर दूर है. यह वह स्थान है जहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए हैं.

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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सरकार ने रविवार रात 12 बजे से अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए पाकिस्तान से आने वाले सभी तरह के यात्रियों पर रोक लगा दी है. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ''भारत में कोविड19 के प्रकोप को देखते हुए और बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती उपाय के तहत 16 मार्च 2020 (रविवार) रात 12 बजे से श्री करतारपुर साहिब की यात्रा और उसके लिए पंजीकरण को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है.

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