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कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप के मध्यस्था के दावे पर भारत ने कहा, यह आगे बढ़ने का वक्त है

कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी के तीन दिन बाद भारत ने दोनों देशों (भारत-अमेरिका) के बीच संबंधों के बहुत मजबूत बने रहने पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह आगे बढ़ने का वक्त है.

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कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप के मध्यस्था के दावे पर भारत ने कहा, यह आगे बढ़ने का वक्त है

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप के मध्यस्था के दावे पर भारत ने दिया जवाब
  2. कहा- यह आगे बढ़ने का वक्त है
  3. 'इन मुद्दों पर चर्चा खत्म कर देना चाहिए'
नई दिल्ली:

कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी के तीन दिन बाद भारत ने दोनों देशों (भारत-अमेरिका) के बीच संबंधों के बहुत मजबूत बने रहने पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह आगे बढ़ने का वक्त है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा खत्म कर देना चाहिए क्योंकि भारत ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है और अमेरिकी विदेश विभाग ने भी तत्परता से स्पष्टीकरण जारी किया था. कुमार ने ट्रंप के विवादित दावे पर संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "हमें (इससे) आगे बढ़ना चाहिए. संसद के दोनों सदनों में विदेश मंत्री ने (इस पर) बयान दे दिया है. मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर एक बयान जारी किया. अमेरिकी विदेश विभाग ने भी एक स्पष्टीकरण जारी कियामुझे लगता है कि हमें इसे वहीं छोड़ देना चाहिए."    

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प्रवक्ता ने कहा, "मुझे लगता है कि हमें कहीं अधिक व्यापक परिप्रेक्ष्य में संबंधों को देखना चाहिए...हमें जो कुछ भी कहना था, हमने कह दिया. अब, दोनों देश इस बहुत महत्वपूर्ण संबंध को मजबूत करने के लिए एकजुटता के साथ काम करने को इच्छुक हैं." गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरूआत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ वार्ता से पहले ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओसाका(जापान) में पिछले महीने जी 20 शिखर सम्मेलन से इतर एक बैठक के दौरान उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने को कहा था. ट्रंप के इस दावे पर भारत में एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया. हालांकि, विदेश मंत्रालय ने शीघ्रता से ट्रंप के दावे का खंडन किया और भारत के इस रूख को मजबूती से दोहराया कि कश्मीर मुद्दा सहित पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय चर्चा के जरिये होगा.  

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी संसद में इस मुद्दे पर बयान दिया. संयुक्त राष्ट्र महासभा के सालाना सत्र में शामिल होने के लिए मोदी के सितंबर में अमेरिका की यात्रा करने की संभावना है. ऐसे में विदेश मंत्रालय प्रवक्ता की टिप्पणियां उस कूटनीतिक व्यग्रता को पीछे छोड़ने की कोशिश है जो ट्रंप के दावे से पैदा हुई है. प्रवक्ता ने कहा, "हम बहुत मजबूत रणनीतिक साझेदार हैं और हमने कई मुद्दों को आपस में गहराई तक जोड़ा है. यह हमारे बीच विभिन्न क्षेत्रों का एकीकृत संबंध है." 

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सूत्रों ने बताया कि भारत ने ओसाका में ट्रंप-मोदी की बैठक के रिकार्ड की अमेरिका के साथ जांच की और कश्मीर या मध्यस्थता के बारे में दोनों नेताओं की बातचीत में कोई उल्लेख नहीं किया गया है. प्रवक्ता ने बताया, "हमारा कारोबार और निवेश संपर्क शानदार है, रक्षा सहयोग के क्षेत्र में हम उच्च रक्षा प्रौद्योगिक गठजोड़ की दिशा में बढ़ रहे हैं. हमारी वार्ता की मेज पर कई सारी चीजें (विषय) हैं। कारोबार, अन्य क्षेत्रों से जुड़े भी मुद्दे हैं. लेकिन आपको सकारात्मक रूप से देखना होगा और कई सारी सकारात्मक चीजें हैं." कुमार ने कहा, "अमेरिका के साथ हमारा संबंध बहुआयामी है...यह अपने बूते खड़ा है. यह बहुत व्यापक आधार वाला है. हमारे संबंध बहुत मजबूत बने रहेंगे."

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