यह ख़बर 09 अगस्त, 2014 को प्रकाशित हुई थी

चीन को प्रतिद्वंद्वी के रूप में न देखे भारत : अमेरिका

चीन को प्रतिद्वंद्वी के रूप में न देखे भारत : अमेरिका

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

अमेरिका ने शनिवार को कहा कि भारत को वाशिंगटन और चीन के साथ अपने संबंधों के बीच चुनाव करने की जरूरत नहीं है तथा उसे बीजिंग को अपने प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं देखना चाहिए।

अमेरिकी रक्षामंत्री चक हेगल ने कहा कि भारत और अमेरिका को अपने रक्षा संबंध का विस्तार करना चाहिए तथा अपनी सुरक्षा सहयोग साझेदारी में जापान को शामिल करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'जिस तरह अमेरका को अपने एशियाई गठजोड़ तथा चीन के साथ अपने सकारात्मक संबंधों के बीच चुनाव करने की जरूरत नहीं है, उसी तरह भारत को भी अमेरिका के साथ घनिष्ठ संबंध तथा चीन के साथ उन्नत संबंध में चुनाव करने की आवश्यकता नहीं है।'

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उन्होंने यहां ऑब्जर्वर रिसर्च फांउडेशन के कार्यक्रम में कहा, 'बीजिंग के साथ हमारे संबंधों में दिल्ली एवं वाशिंगटन दोनों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखनी चाहिए तथा हमें प्रतिद्वंद्विता के जाल से बचना चाहिए।'

विवादित दक्षिण चीन सागर की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एवं अमेरिका विवादों का शांतिपूर्ण हल के पक्ष में हैं और वे चाहते हैं कि सागर में नौवहन की स्वतंत्रता हो।