चीनी-पाकिस्तानी पनडुब्बियों पर नज़र रखने के लिए अमेरिका से 24 MH-60R चॉपरों का सौदा किया भारत ने

भारतीय नौसेना के पास मौजूद इंग्लैंड से वर्ष 1971 में हासिल किए गए पुरानी तकनीक वाले सी किंग हेलीकॉप्टरों का स्थान लेने के लिए आ रहे एमएच-60आर (MH-60R) हेलीकॉप्टर हिन्द महासागर क्षेत्र में चीनी और पाकिस्तानी पनडुब्बियों और युद्धपोतों को ढूंढने और उन्हें उलझाने के लिए लाए जा रहे हैं.

चीनी-पाकिस्तानी पनडुब्बियों पर नज़र रखने के लिए अमेरिका से 24 MH-60R चॉपरों का सौदा किया भारत ने

एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की पहली खेप अमेरिका से अगले साल भारत को मिल जाएगी.

नई दिल्ली:

अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ 90.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का सौदा करने के बाद भारत ने अपनी नौसेना के लिए 24 अत्याधुनिक एन्टी-सबमरीन (पनडुब्बी-रोधी) युद्धक हेलीकॉप्टर हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

भारतीय नौसेना के पास मौजूद इंग्लैंड से वर्ष 1971 में हासिल किए गए पुरानी तकनीक वाले सी किंग हेलीकॉप्टरों का स्थान लेने के लिए आ रहे एमएच-60आर (MH-60R) हेलीकॉप्टर हिन्द महासागर क्षेत्र में चीनी और पाकिस्तानी पनडुब्बियों और युद्धपोतों को ढूंढने और उन्हें उलझाने के लिए लाए जा रहे हैं.

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जिस समझौते पर दस्तखत किए गए हैं, वह उस 2.6 अरब अमेरिकी डॉलर के उस पैकेज का आधा भी नहीं है, जिसकी घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग ने अप्रैल, 2019 में की थी. इस पैकेज में चॉपर, उनके सेंसरों और कम्युनिकेशन सिस्टम के साथ-साथ पोतों को निशाना बनाने में सक्षम हेलफायर मिसाइलों, एमके 54 टॉरपीडो तथा प्रिसिज़न स्ट्राइक रॉकेट सिस्टम सहित कई अस्त्र प्रणालियों (वेपन सिस्टम) की कीमत भी शामिल है.

इन हेलीकॉप्टरों के ज़रिये नॉर्वेजियन कंपनी कॉन्ग्सबर्ग डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित की गई नेवल स्ट्राइक मिसाइल (NSM) को भी दागा जा सकता है. NSM किसी युद्धपोत को 185 किलोमीटर की रेंज से उलझा सकती हैं. भारत मूल पैकेज में NSM ट्रेनिंग मिसाइल की भी उम्मीद कर रहा था, ताकि मिसाइल सिस्टम का सौदा भी किया जा सके.

NDTV को मिली जानकारी के मुताबिक, फुल पैकेज को लेकर चर्चा जारी है, जिसमें फिलहाल उन अस्त्रों तथा सेंसरों को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जो भारतीय नौसेना को हेलीकॉप्टरों के साथ हासिल होंगे.

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इस सौदे को सीधे अमेरिकी नौसेना के ज़रिये किया जा रहा है, जिसने लॉकहीड मार्टिन को तीन एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी प्रक्रिया को तेज़ करने की अनुमति दे दी है. इससे भारतीय नौसेना के पायलटों और इंजीनियरों को इन हेलीकॉप्टरों पर प्रशिक्षण का मौका उन्हें विमानवाहक पोतों, विध्वंसक पोतों तथा पनडुब्बियों पर तैनात किए जाने से पहले मिल सकेगा.

एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की पहली खेप अमेरिका से अगले साल भारत को मिल जाएगी.