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भारत ने UNHRC में कहा - जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो रहा है, पढ़ें 10 बड़ी बातें

भारत ने पाकिस्तान के दुर्भावनापूर्ण अभियान को दृढ़ता से खारिज करते हुए मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कहा कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करना भारतीय संसद का एक संप्रभु निर्णय है और देश अपने आंतरिक मामले में कोई हस्तक्षेप स्वीकार नहीं कर सकता.

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भारत ने UNHRC में कहा - जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो रहा है, पढ़ें 10 बड़ी बातें

भारत ने यूएनएचआरसी में रखा अपना पक्ष

नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान के दुर्भावनापूर्ण अभियान को दृढ़ता से खारिज करते हुए मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कहा कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करना भारतीय संसद का एक संप्रभु निर्णय है और देश अपने आंतरिक मामले में कोई हस्तक्षेप स्वीकार नहीं कर सकता. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा जलाए जा रहे राज्य प्रायोजित आतंकवाद की भी कड़े शब्दों में निंदा की. विदेश मंत्रालय के पूर्वी मामलों की सचिव विजय ठाकुर सिंह ने  UNHRC के 42वें सत्र में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया और कहा कि जो अन्य देशों में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के बारे में बोलते हैं, वे खुद अपने देश में उनके मानवाधिकारों को कुचल रहे हैं और जब वास्तव में वे खुद षड्यंत्रकारी होते हैं तो वे स्वयं को पीड़ित बताने लगते हैं. उन्होंने पाकिस्तान की ओर स्पष्ट संकेत करते हुए कहा कि मानवाधिकारों के बहाने दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक एजेंडे के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) का दुरुपयोग करने वालों की निन्दा किए जाने की आवश्यकता है. UNHRC प्रमुख मिशेल बैश्लेट द्वारा सोमवार को की गई टिप्पणी पर सिंह ने कहा कि भारत द्वारा हाल में जम्मू कश्मीर में उठाए गए विधायी कदम देश के संविधान के आधारभूत ढांचे के अनुरूप हैं. भारत ने UNHRC से कहा कि जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो रहा है.
10 बड़ी बातें
  1. बैश्लेट ने कश्मीर में प्रतिबंधों के असर को लेकर सोमवार को गंभीर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि मूलभूत सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत को मौजूदा प्रतिबंधों में ढील देनी चाहिए.
  2. संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार आयुक्त ने भारत और पाकिस्तान दोनों से कहा था कि वे सुनिश्चित करें कि कश्मीरी लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान और संरक्षण हो. 
  3. जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाकर पाकिस्तान ने इस मुद्दे को यूएनएचआरसी के बैठक में उठाया है.
  4. भारत की तरफ से विजय ठाकुर सिंह ने कहा - ये निर्णय हमारी संसद ने व्यापक चर्चा के बाद किए, जिसका टेलीविजन पर प्रसारण हुआ और इसे व्यापक समर्थन मिला.
  5. हम दोहराना चाहते हैं कि संसद द्वारा पारित अन्य कानूनों की तरह यह एक संप्रभु निर्णय है, जो पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है. कोई भी देश अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं कर सकता है और भारत तो बिल्कुल भी नहीं.
  6. उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थतियों के बावजूद जम्मू कश्मीर में प्रशासन आधारभूत सेवाएं, आवश्यक आपूर्ति, संस्थानों का सुगम कार्य परिचालन, आवागमन और लगभग पूर्ण कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर रहा है.
  7. सिंह ने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद के खतरे के मद्देनजर हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी नियंत्रात्मक और एहतियाती कदम आवश्यक हैं.
  8. सिंह ने पाक की तरफ इशारा करते हुए कहा - एक प्रतिनिधिमंडल मेरे देश के खिलाफ आक्रामक रूप से झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर लगातार बोलता रहा है.
  9. उन्होंने कहा कि विश्व जानता है कि यह मनगढ़ंत विमर्श वैश्विक आतंकवाद के केंद्र से आता है जहां वर्षों से सरगनाओं को आश्रय दिया जा रहा है. 
  10. उन्होंने कहा कि आज जीवन के अधिकार की रक्षा और दुनियाभर के लोगों की सुरक्षा की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता को आतंकवाद एक गंभीर चुनौती दे रहा है.



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