भारतीय रेल ने कर्मचारियों के लिए होने वाली सतर्कता जांच के नियमों में दी ढील 

रेलवे ने कहा सतर्कता नियमों में ढील देना कर्मचारियों के कामकाज को सुधारने के लिहाज से जरूरी है

भारतीय रेल ने कर्मचारियों के लिए होने वाली सतर्कता जांच के नियमों में दी ढील 

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली :

भारतीय रेल ने अपने कर्मचारियों को राहत देते हुए अपने जांच नियमों में ढील दी है. नए फैसले के तहत रेलवे ने किसी कर्मचारी के खिलाफ सतर्कता जांच शुरू करने से पहले निर्णय में त्रुटियों को ध्यान में रखा जाएगा. रेलवे ने अपने निर्देशों में कहा कि सतर्कता नियमों में ढील देना कर्मचारियों के कामकाज को सुधारने के लिहाज से जरूरी है. निर्देशों में कहा गया कि फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों को सशक्त किया जाना चाहिए और उनमें विश्वास पैदा करना है. ताकि वे नियमों की व्यापक संरचना के दायरे में अपने काम के बेहतरीन हित में निर्णय कर सकें.

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फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों से बातचीत में यह बात सामने आयी कि प्रक्रियाओं पर अत्यधिक जोर और सतर्कता के अनुचित भय के कारण कई बार संगठन का कामकाज प्रभावित होता है.  रेलवे सतर्कता नियमावली 2017 के अनुसार मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) और अनुशासनात्मक प्राधिकरण (इस मामले में महाप्रबंधक) सतर्कता मामले में मध्यस्थ हैं.

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नई नीति के अनुसार, सीवीओ की ओर से की जाने वाली सतर्कता जांच में किसी कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले संबंधित विभाग के अध्यक्ष की राय ली जाएगी.