NDTV Khabar

2005 से 2015 के बीच  प्रवासी भारतीयों  ने अमेरिकी नागरिकता पाने में दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी

पेव रिसर्च सेन्टर ने बताया कि 2015 तक कम से कम 80 प्रतिशत प्रवासी भारतीयों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
2005 से 2015 के बीच  प्रवासी भारतीयों  ने अमेरिकी नागरिकता पाने में दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

एक अध्ययन में पता चला है कि 2005 से 2015 के बीच  प्रवासी भारतीयों  ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में सर्वाधिक दिलचस्पी दिखाई है. पेव रिसर्च सेन्टर ने बताया कि 2015 तक कम से कम 80 प्रतिशत प्रवासी भारतीयों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई. वहीं 2005 में यह आंकड़ा 69 प्रतिशत था. 10 सालों में इसमें 12 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. भारत के साथ ही इक्वाडोर के लोगों ने भी अमेरिकी नागरिक बनने में दिलचस्पी दिखाई है.

प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन में बोले पीएम मोदी, 'रिफार्म टू ट्रांसफार्म' अब हमारी नीति

टिप्पणियां

इक्वाडोर में भी इसी अवधि में अमेरिकी नागरिकता हासिल करने वालों की संख्या में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पेव ने कहा 'साल 2005 से 2015 तक भारत से अमेरिका की नागरिकता लेने के पात्र आव्रजकों की संख्या 12 फीसदी की वृद्धि के साथ सर्वाधिक, 80 प्रतिशत रही है.' 


वीडियो : भारत की ग्लोबल रैकिंग सुधरी है

अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के लिए प्रवासी को कम से कम 18 वर्ष का होना चााहिए, वैध स्थाई निवासी के तौर पर वह देश में कम से कम पांच वर्ष रह चुका हो अथवा अमेरिकी नागरिक से उसके विवाह को तीन वर्ष बीत चुके हों.



NDTV.in पर विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Elections 2019) के तहत हरियाणा (Haryana) एवं महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने जा रहे चुनाव से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरें (Election News in Hindi), LIVE TV कवरेज, वीडियो, फोटो गैलरी तथा अन्य हिन्दी अपडेट (Hindi News) हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement