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इन्डिगो के संस्थापकों के बीच बढ़ा विवाद, शेयर 19 फीसदी लुढ़का

इन्डिगो और राकेश गंगवाल, दोनों ने ही वह खत जारी किया है, जो गंगवाल ने SEBI को लिखा है. खत की प्रति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कुछ राजनेताओं तथा नौकरशाहों को भी भेजा गया है.

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इन्डिगो के संस्थापकों के बीच बढ़ा विवाद, शेयर 19 फीसदी लुढ़का

इन्डिगो के शेयरों में बुधवार को कारोबार के दौरान 19.24 प्रतिशत तक की ज़ोरदार गिरावट दर्ज की गई, और वह 1,264.85 के स्तर पर पहुंच गया.

नई दिल्ली:

बाज़ार मूल्य के लिहाज़ से एशिया की सबसे बड़ी लो-कॉस्ट एयरलाइन इन्डिगो (IndiGo) में कॉरपोरेट संचालन से जुड़ी कथित दिक्कतों को सुलझाने के लिए बजट एयरलाइन कंपनी के अरबपति सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने देश की सिक्योरिटी रेगुलेटर, यानी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India या SEBI) से दखल देने की मांग की है.

ब्लूमबर्ग में प्रकाशित रिपोर्ट  के अनुसार, इन्डिगो की ओर से स्टॉक एक्सचेंज में मंगलवार को दी गई फाइलिंग के अनुसार, इन्डिगो का संचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (InterGlobe Aviation Ltd.) के निदेशक मंडल को राकेश गंगवाल की ओर से 8 जुलाई को एक खत मिला है, जिसमें उन्होंने सूचना दी है कि उन्होंने SEBI से मदद का आग्रह किया है. SEBI ने कंपनी को खत का जवाब देने के लिए 19 जुलाई तक का समय दिया है. कंपनी के मुताबिक, वह इस समयसीमा का पालन करेगी.

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इन्डिगो और राकेश गंगवाल, दोनों ने ही वह खत जारी किया है, जो गंगवाल ने SEBI को लिखा है. खत की प्रति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कुछ राजनेताओं तथा नौकरशाहों को भी भेजा गया है. इस खत में गंगवाल ने लिखा है, "आज, इन्डिगो आमूलचूल बदलाव की घड़ी पर पहुंच गई है... इसने उन मूल सिद्धांतों और संचालन मूल्यों से परे जाना शुरू कर दिया है, जिन्होंने इन्डिगो को इन्डिगो बनाया..."

ब्लूमबर्ग के अनुसार, इन्डिगो के प्रवक्ता ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, और सिर्फ स्टॉक एक्सचेंज के बयान का ज़िक्र किया. कंपनी के दूसरे सह-संस्थापक राहुल भाटिया से संपर्क नहीं हो पाया.

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इस बीच, इन्डिगो के शेयरों में बुधवार को कारोबार के दौरान 19.24 प्रतिशत तक की ज़ोरदार गिरावट दर्ज की गई, और वह 1,264.85 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले लगभग तीन माह का उसका निम्नतम स्तर है. हालांकि BSE सेंसेक्स में इसका ज़्यादा असर देखने को नहीं मिला, क्योंकि कंपनी उन 30 कंपनियों में शामिल नहीं है, जिनके शेयरों से सूचकांक तय किया जाता है.

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राकेश गंगवाल के मुताबिक राहुल भाटिया, जिनके साथ मिलकर वर्ष 2005 में उन्होंने कंपनी की स्थापना की थी, के पास शेयरधारकों के एग्रीमेंट के चलते एयरलाइन में 'अभूतपूर्व नियंत्रण अधिकार' हैं, और वह अन्य कंपनियों का ऐसा 'ईकोसिस्टम बना रहे हैं', जो रिलेटेड-पार्टी ट्रांज़ैक्शन किया करता है. सिटीग्रुप से विश्लेषक अरविंद शर्मा का कहना है, 'दोनों प्रमोटरों के बीच विवाद के इस तरह सार्वजनिक हो जाने के बाद जल्द किसी समझौते के होने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं...'

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