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कानपुर ट्रेन हादसा : पांच रेल अधिकारी निलंबित, झांसी के डीआरएम का तबादला

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कानपुर ट्रेन हादसा : पांच रेल अधिकारी निलंबित, झांसी के डीआरएम का तबादला

खास बातें

  1. दोनों ड्राइवरों के खून के नमूने शराब की जांच के लिए भेजे गए हैं
  2. रविवार के इस ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है
  3. रेल सुरक्षा आयुक्त एक महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को देंगे
कानपुर:

रेलवे ने इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की जांच के तेज होने के साथ ही मंगलवार को पांच वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया तथा झांसी के संभागीय प्रबंधक (डीआरएम) का तबादला कर दिया. दोनों ड्राइवरों के खून के नमूने शराब की जांच के लिए भेज दिए गए हैं.

12 साल के एक बच्चे समेत चार और घायलों के दम तोड़ने के साथ ही रविवार के इस ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 150 हो गई. यह हादसा पिछले 17 सालों में सबसे भीषण रेल हादसा है.

वरिष्ठ संभागीय मेकेनिकल इंजीनियर (कैरेज एवं वैगन) नवेद तालिब, संभागीय इंजीनियर एमके मिश्रा, वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर अंबिका ओझा, सेक्शन इंजीनियर ईश्वर दास और वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर सुशील कुमार गुप्ता कर्तव्य के प्रति लापरवाही को लेकर निलंबित कर दिए गए, जबकि झांसी संभाग के डीआरएम एसके अग्रवाल का तबादला कर दिया गया.

झांसी के डीआरएम का रांची तबादला कर दिया गया तथा पांच अधिकारी जांच जारी रहने तक के लिए निलंबित कर दिए गए हैं. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'जिम्मेदारी तय करने के लिए कार्रवाई करना बहुत जरूरी था. निलंबन और स्थानांतरण आदेश रेल सुरक्षा आयुक्त की जांच चलने तक के लिए जारी किया गया.'


रेल सुरक्षा आयुक्त पीके आचार्य ने मंगलवार शाम पत्रकारों को बताया कि यह पता करने के लिए ट्रेन के दोनों ड्राइवरों के रक्त नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए हैं कि कहीं वे नशे की हालत में तो नहीं थे, जो भीषण हादसा की वजह रही हो. उन्होंने कहा, 'ड्राइवरों के खून के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं. प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही वह आगे कोई टिप्पणी कर पाएंगे.'

आचार्य ने सोमवार को दुर्घटनास्थल का दौरा किया था. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने में दो-तीन दिन लग सकते हैं और वह एक महीने के अंदर सरकार को रिपोर्ट सौंप देंगे. उन्होंने बताया कि ड्राइवर, सहायक ड्राइवर, एक पुलिस निरीक्षक एवं कुछ अन्य लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. यह पूछताछ का पहला दौर है तथा आगे भी पूछताछ होगी.

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आचार्य ने बताया कि टूटी रेल पटरियों के नमूने कानपुर लाए गए हैं तथा उन्हें परीक्षण के लिए रिसर्च डिजायन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन में भेजे जा रहे हैं. सरकारी रेल पुलिस की 12-सदस्यीय टीम ट्रेन के पटरी से उतर जाने की जांच के लिए बनाई गई है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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