एक बीमित- दो डिस्पेंसरी : अब दूर रह रहे परिवार के लिए भी चुन सकते हैं अलग डिस्पेंसरी

एक बीमित- दो डिस्पेंसरी : अब दूर रह रहे परिवार के लिए भी चुन सकते हैं अलग डिस्पेंसरी

नई दिल्ली:

श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय ने विश्व श्रमिक दिवस पर योजनाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार ने श्रम के महत्व एवं श्रमिकों के योगदान को स्वीकार किया है और उनके कल्याण के लिए समर्पित है. उन्होंने कहा कि 'एक बीमित- दो डिस्पेंसरी' योजना के तहत ईएसआईसी ने बीमित व्यक्ति को नियोक्ता के जरिए दो डिस्पेंसरी का चयन करने का विकल्प दिया गया है, जिनमें से एक डिस्पेंसरी का चयन खुद के लिए और दूसरी डिस्पेंसरी का चयन अपने परिवार के लिए करना होगा. इससे सभी बीमित व्यक्ति, विशेषकर ऐसे प्रवासी कामगार लाभान्वित होंगे, जो अपने गृह राज्य को छोड़ कहीं और कार्यरत हैं, जबकि उनके परिवार अपने मूल राज्य में ही जीवन यापन कर रहे हैं. 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दूसरी डिस्पेंसरी का विकल्प उपलब्ध न होने के कारण परिवार के आश्रित सदस्यों को अक्सर चिकित्सा लाभों से वंचित रहना पड़ता है. 'एक बीमित- दो डिस्पेंसरी' की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करने से अब बीमित व्यक्तियों के साथ-साथ उनके परिवारिक सदस्यों को भी इनमें से किसी भी डिस्पेंसरी में इलाज कराने की सुविधा मिल जाएगी और इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में उन्हें किसी भी ईएसआई संस्थान में यह सुविधा मिल जाएगी. 

वर्तमान में लगभग 3 करोड़ बीमित व्यक्तियों को ईएसआईसी के अंतर्गत कवर किया जा चुका है और लाभार्थियों अर्थात बीमित व्यक्तियों एवं उनके पारिवारिक सदस्यों की कुल संख्या 12 करोड़ से भी ज्यादा हो गई है.
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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