अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस के मौके पर महिलाओं ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

इन महिलाओं ने पीएम को 10,000 से ज्यादा पत्र भेजे हैं. 2009 में शुरू हुए एकल महिला अधिकारों के राष्ट्रीय मंच ने पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया था.

अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस के मौके पर महिलाओं ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

पीएम मोदी की फाइल फोटो

खास बातें

  • 2009 से ही पीएम को पत्र लिख रही हैं विधवा महिलाएं
  • हर साल अपनी समस्याएं बताती हैं महिलाएं
  • इस साल भी महिलाओं ने भेजे 10 हजार से ज्यादा पत्र
नई दिल्ली:

अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस के मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों की विधवाओं ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अपनी समस्याएं साझा की. इस मौके पर जिन राज्यों की महिलाओं ने पीएम को पत्र लिखा उनमें खास तौर पर पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान, झारखंड और पंजाब की विधवा महिलाएं शामिल हैं. इन महिलाओं ने पीएम को 10,000 से ज्यादा पत्र भेजे हैं. गौरतलब है कि वर्ष 2009 में शुरू हुए एकल महिला अधिकारों के राष्ट्रीय मंच ने पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया था. तब से यह यह महिलाएं हर साल ऐसा कर रही है.

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पीएम को पत्र लिखने वाली महिलाओं में से एक प्रभाती देवी ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत पीएम से प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज से प्रति व्यक्ति 15 किलो अनाज करने व 2,000 रुपये की न्यूनतम सामाजिक पेंशन देने का आग्रह किया है. तेलंगाना की नेता वसंत ने अपने पत्र में मोदी से कहा कि युवाओं को कुशल करने की योजनाओं ने देश में करोड़ों एकल महिलाओं की जरूरतों को नजरंदाज कर दिया है, जिनमें से कई तो लंबे समय तक वृद्धावस्था में काम करती रहती हैं.

VIDEO: पीएम मोदी ने किया मेट्रो का उद्घाटन.

फोरम की राष्ट्रीय संयोजक निर्मल चंदेल ने कहा कि एकल महिलाओं ने पहले भी साबित किया है कि वे न केबल अपना जीवन बेहतर कर सकती हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन कर सकती हैं. इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. अभियान की आयोजक पारुल चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखने से सरकार इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझेगी. (इनपुट आईएएनएस से) 

 
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