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पर्यटन के लिए अंतरिक्ष में नहीं है इसरो, अभी बची हैं संभावनाएं: कुमार

इसरो को भारत के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की क्षमताओं का समुचित दोहन अभी करना है.

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पर्यटन के लिए अंतरिक्ष में नहीं है इसरो, अभी बची हैं संभावनाएं: कुमार

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. पर्यटन क्षेत्र में बची संभावनओं को समझने की अपील
  2. इसरो के प्रमुख ने रखे अपने विचार
  3. निजी कंपनियों निभा सकती है बड़ा किरदार
नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख ए एस किरण कुमार ने आज कहा कि इसरो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में पर्यटन के लिए नहीं है लेकिन निजी कंपनियां इस उद्देश्य के साथ उतर सकती हैं. उन्होंने यहां कहा कि इसरो को भारत के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की क्षमताओं का समुचित दोहन अभी करना है. हालांकि निजी कंपनियां तेजी से बढ़ रहे वैश्विक अंतरिक्ष पर्यटन बाजार में आ सकती हैं.

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एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस समय अंतरिक्ष में भारत के केवल 42 उपग्रह हैं और इसरो इस संख्या में बढ़ोतरी करने का प्रयास कर रहा है.  ऐसा इसलिए करना जरूरी है ताकि हम बढ़ती मांग को पूरा कर सकें. उन्होंने कहा, ‘अंतरिक्ष विभाग पर्यटन को एक गतिविधि के रूप में नहीं देखता.

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हमने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से वह क्षमताएं अभी देश को नहीं दी हैं जो उसे अपेक्षित हैं.’ उन्होंने कहा कि हालांकि इसरो घरेलू उद्योग को अंतरिक्ष पर्यटन व सम्बद्ध गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करता है.


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