NDTV Khabar

एसएम कृष्णा के दामाद पर इनकम टैक्स के छापे, कैफे कॉफी डे के हैं मालिक

बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद कृष्णा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे फैसले सभी नहीं ले सकते.

171 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
एसएम कृष्णा के दामाद पर इनकम टैक्स के छापे, कैफे कॉफी डे के हैं मालिक

एसएम कृष्णा के दामाद पर आईटी की रेड

खास बातें

  1. कैफे कॉफी डे चेन के मालिक हैं सिद्धार्थ
  2. एसएम कृष्णा इसी साल हुए थे बीजेपी में शामिल
  3. करीब 20 जगहों पर हो रही है छापेमारी
बेंगलुरु: बेंगलुरु में आयकर विभाग ने पूर्व विदेशमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ के घर पर छापा मारा है. सिद्धार्थ मशहूर रेस्तरां चेन कैफे कॉफी डे के मालिक हैं. आयकर विभाग ने यह छापेमारी करीब 20 जगहों पर की है. बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई और चिकमागुल्लर में करीब 20 जगहों पर छापेमारी चल रही है. एसएम कृष्णा कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं. इसके अलावा वह यूपीए सरकार में विदेशमंत्री का कार्यभार संभाल चुके हैं.लेकिन इसी साल मार्च में वह कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे.

कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा भाजपा में हुए शामिल, बोले- देश को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं पीएम मोदी

बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद कृष्णा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे फैसले सभी नहीं ले सकते. उन्होंने कहा कि आज अमेरिका, रूस और दुनिया के दूसरे बड़े राष्ट्रों के बीच देश की प्रतिष्ठा मोदी की वजह से बढ़ी है.

कर्नाटक : आखिरकार एसएम कृष्णा ने कांग्रेस से नाता तोड़ा, यह था कारण

बीजेपी को उम्रदराज कृष्णा की याद क्यों आई थी?
एसएम कृष्णा की मध्य कर्नाटक पर मजबूत पकड़ है. खासकर वोक्कालिगा समाज पर जिसका 18 फीसदी वोट प्रदेश में है. मण्डया, मैसूर, चामराजनगर, रामनगरम... ये वे इलाके हैं जहां जेडीएस अब तक मजबूत रही है और विधानसभा चुनाव में इन इलाकों में से अधिकांश सीटों पर जेडीएस के प्रत्याशी जीते.

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में इस इलाके की करीब 60 में से कम से कम 15 से 20 सीटें बीजेपी जीतना चाहती है. और उसके इस मिशन में कहीं न कहीं एसएम कृष्णा फिट बैठते हैं
विदेश मंत्री के पद से हटाए जाने के बाद कृष्णा कांग्रेस में अलग थलग पड़ गए थे. एसएम कृष्णा के साथ-साथ बीएस येद्दयुरप्पा की बीजेपी में मौजूदगी पारी को काफी मजबूती देती दिख रही है. कर्नाटक में 18 से 22 फीसदी लिंगायत समाज के येद्दयुरप्पा सबसे बड़े नेता हैं. एसएम कृष्णा के बीजेपी में शामिल होने पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव ने कहा कि ऐसे दलबदलुओं की वजह से कांग्रेस का नुकसान नहीं होगा, जनता उन्हें पहचानती है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement