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राहुल गांधी के लिये पीएम पद की राह इसलिए नहीं होगी आसान, सहयोगी दल के नेताओं का ये है रुख

ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी भी लोकसभा में अभी मजबूत स्थिति में है. ममता एनडीए और यूपीए की सरकारों में भी शामिल रही हैं और वह भी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखती हैं.

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राहुल गांधी के लिये पीएम पद की राह इसलिए नहीं होगी आसान, सहयोगी दल के नेताओं का ये है रुख

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि 2019 में बहुमत मिलता है तो पीएम बनने के लिए तैयार हैं

खास बातें

  1. अखिलेश यादव ने कहा- चुनाव के बाद तय होगा
  2. टीएमसी के समर्थक चाहते हैं बंगाली पीएम
  3. शरद पवार का भी रुख साफ नहीं
नई दिल्ली: 2019 के चुनाव के बाद भारत का प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार  राहुल गांधी  गुरुवार को इसी बात पर जुड़े एक सवाल के जवाब को टाल गये. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा है कि अगले आम चुनावों के लिए राहुल गांधी उनकी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं.  पटेल से पूछा गया कि वह कांग्रेस प्रमुख की इस टिप्पणी को किस तरह से देखते हैं कि अगर लोकसभा चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है तो वह प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के लिए तैयार हैं, तो पटेल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पहले ही कुछ कह चुके हैं. यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन कितनी सीटें जीतता है. हमारे उम्मीदवार राहुल गांधी हैं.  पटेल ने कहा, ‘‘लेकिन अंतत: यह (लोकसभा चुनावों के) नतीजों पर निर्भर करेगा.’’ 

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वहीं पीएम बनने को तैयार होने के राहुल गांधी के बयान पर विपक्षी पार्टियों की अलग-अलग राय सामने आ रही है. कुछ इसे समय से पहले दिया गया बयान बता रही हैं तो कुछ विकल्पों के खुले रहने की बात कर रही है. हालांकि इन सबके बीच शिवसेना का बयान कांग्रेस का रास आ सकता है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अपने भाषणों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते वक्त गरिमा बनाए रखने की बात करते हुए शिवसेना ने कहा कि वह (राहुल गांधी) 2019 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को टक्कर दे सकने की क्षमता रखते हैं.  

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बीएसपी के साथ मिल कर यूपी जीतने का तानाबाना बुन रही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पीएम पद का फैसला तो चुनाव के बाद होगा. मतलब साफ है कि अखिलेश यादव चुनाव से पहले एक गठबंधन के नेता के तौर पर अभी राहुल गांधी को स्वीकार नही कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने राहुल के साथ अपनी दोस्ती की भी बात दोहरायी. इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दी है कि क्यों न अगली बार एक बंगाली को प्रधानमंत्री बनाया जाए. ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी भी लोकसभा में अभी मजबूत स्थिति में है. ममता एनडीए और यूपीए की सरकारों में भी शामिल रही हैं और वह भी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखती हैं.

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उधर महागठबंधन के प्रमुख सूत्रधार शरद पवार मानते हैं कि हवा बीजेपी के खिलाफ है लेकिन विपक्ष की कमान किसे मिलेगी इस पर वह भी अपनी मुठ्ठी नहीं खोल रहे हैं. शरद पवार भी पीएम पद के उम्मीदवार हैं और राजनीति में राहुल गांधी से काफी वरिष्ठ हैं.  दरअसल ये मनस्थिति उन तमाम पार्टियों के नेताओं की है जो 2019 में बीजेपी के खिलाफ साथ मिलकर तो लड़ना चाहते हैं पर अपनी तलवार को ही सबसे अधिक धारदार दिखाना चाहते हैं.
 


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