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कौन है कंधार हाईजेक मामले में छोड़ा गया, संसद पर हमले का आरोपी मसूद अजहर

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कौन है कंधार हाईजेक मामले में छोड़ा गया, संसद पर हमले का आरोपी मसूद अजहर
नई दिल्ली:

खबरों के मुताबिक पाकिस्तान ने बुधवार को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को हिरासत में ले लिया। भारत का कहना है कि पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में जैश-ए-मोहम्मद का ही हाथ है। मौलाना मसूद अजहर को 1994 में पुर्तगाल के फर्जी पासपोर्ट के आधार पर यात्रा करने के दौरान कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था। उसे 17 साल पहले 1999 में कंधार विमान अपहरण मामले में भारत ने रिहा किया था।

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24 दिसंबर 1999 को 5 हथियारबंद आतंकवादियों ने 178 यात्रियों के साथ इंडियन एयरलाइंस के हवाई जहाज आईसी-814 को हाइजैक कर लिया था। हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के आतंकियों ने भारत सरकार के सामने 178 यात्रियों की जान के बदले में तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया था। भारत सरकार ने यात्रियों की जान बचाने के लिए जिन तीनों आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया था, उनमें से एक मसूद अजहर भी है।


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रिहाई के बाद अजहर ने कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों से लड़ाई लड़ने के मकसद से जैश की स्थापना की। भारत हमेशा से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का जैश से करीबी संबंध है। अजहर को 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले में भी भारत की ओर से प्रमुख संदिग्ध बताया गया था। संसद पर हुए हमले में नौ सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे, जबकि पांचों आतंकियों को मार गिराया गया था। उस वक्त भारत ने अजहर को सौंपने की मांग की थी, जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया था।

अजहर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में कुछ सालों तक टिका रहा। साल 2014 में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने चेताया कि अजहर के सहयोगी किसी विमान को अगवा करने की कोशिश कर सकते हैं। उस वक्त दिल्ली मेट्रो को भी अलर्ट पर रखा गया था। यह खुफिया चेतावनी अजहर के एक बड़ी रैली को टेलीफोन से संबोधित करने के बाद जारी की गई थी। इसमें उसने कहा था कि भारत के खिलाफ जिहाद दोबारा शुरू करो।



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