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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने चार नेताओं को नजरबंदी से किया रिहा

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) प्रशासन ने संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान रद्द किए जाने के बाद पांच महीनों तक घर में नजरबंद रहे चार नेताओं को रिहा कर दिया है.

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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने चार नेताओं को नजरबंदी से किया रिहा

पिछले साल जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कश्मीर से 5 अगस्त को खत्म हुई थी अनुच्छेद 370
  2. अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से नजरबंद थे नेता
  3. जम्मू-कश्मीर में अभी भी नजरबंद हैं कई प्रमुख नेता
श्रीनगर:

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) प्रशासन ने संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान रद्द किए जाने के बाद पांच महीनों तक घर में नजरबंद रहे चार नेताओं को रिहा कर दिया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, पीसी और कांग्रेस के एक-एक नेता को रिहा कर दिया गया है.

जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व मंत्री और पिछली विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत चारों नेताओं को गुरुवार देर रात रिहा किया गया. अधिकारियों ने बताया, 'पीडीपी के पूर्व मंत्री अब्दुल हक खान, पूर्व उपाध्यक्ष नजीर अहमद गुरेजी, पीपुल्स कांफ्रेंस के पूर्व विधायक मोहम्मद अब्बास वानी और कांग्रेस के पूर्व विधायक अब्दुल राशिद को घर में नजरबंदी से रिहा कर दिया गया है.'

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गौरतलब है कि पिछले साल 5 अगस्त को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया था. सरकार ने लद्दाख को कश्मीर से अलग करते हुए दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा की थी. अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था के एहतियातन राज्य में मोबाइल व इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी. सूबे के कई प्रमुख नेता अभी भी नजरबंद हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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