NDTV Khabar

पुलवामा में एक व्यक्ति को घर से उठा ले गए आतंकवादी, फिर गोली मारकर की हत्या

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी 40 वर्षीय एक व्यक्ति को जबरन उसके घर से ले गए और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
पुलवामा में एक व्यक्ति को घर से उठा ले गए आतंकवादी, फिर गोली मारकर की हत्या

प्रतीकात्मक तस्वीर.

खास बातें

  1. पुलवामा में कम नहीं हुआ आतंकवादा का खौफ
  2. आतंकियों ने एक व्यक्ति को घर से किया अगवा, फिर उतारा मौत के घाट
  3. 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में 40 जवान हुए थे शहीद
नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी 40 वर्षीय एक व्यक्ति को जबरन उसके घर से ले गए और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया, "आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र के गुलजारपोरा में बृहस्पतिवार देर रात मंजूर अहमद लोन की हत्या की.''उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी लोन को डोगरीपोरा स्थित उसके घर से जबरन उठाकर ले गए और निकटवर्ती गुलजारपोरा में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. दक्षिण कश्मीर में दो दिन के भीतर नागरिकों पर हुए हमले का यह तीसरा मामला है. अनंतनाग जिले के बीजबेहरा क्षेत्र में बृहस्पतिवार को नेशनल कांफ्रेंस का एक कार्यकर्ता गोली लगने से घायल हो गया था और बुधवार को पुलवामा जिले में सेना के एक पूर्व जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

यह भी पढ़ें- पुलवामा हमला अभी क्यों हुआ? एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने यह बताया कारण


पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हो चुका है ढेर
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Terror Attack) में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा जिले के त्राल के पिंग्लिश क्षेत्र में रविवार रात हुई मुठभेड़ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) का आतंकवादी और पुलवामा की घटना का मास्टरमाइंड मुदासिर अहमद उर्फ ‘मोहम्मद भाई' मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक है. उन्होंने बताया कि इन तीनों आतंकवादियों का शव बुरी तरह से जल गया है जिसके कारण उनकी पहचान नहीं हो पाई. हालांकि उनकी पहचान के प्रयास जारी हैं.पिंग्लिश क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू कर दिया.

यह भी पढ़ें- कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद का विवादित बयान: पुलवामा हमला पीएम मोदी और पाकिस्तान के बीच ‘मैच फिक्सिंग' का नतीजा

यह अभियान उस समय मुठभेड़ में बदल गया जब सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू की.अधिकारियों ने रविवार को बताया कि जैश के आतंकवादी खान की पहचान पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने का षडयंत्र करने वाले के रूप में हुई थी. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जांच में अब तक जुटाए गए सबूतों के मुताबिक सुरक्षाबलों ने बताया कि 23 साल का खान पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और स्नातक पास था. वह पुलवामा का रहनेवाला था और उसने ही आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए वाहन और विस्फोटक का इंतजाम किया था.

टिप्पणियां

वीडियो- चीन ने जैश सरगना मसूद अजहर को फिर बचाया 



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement