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जेट एयरवेज के पायलटों के संगठन ने 'विमान नहीं उड़ाने' के फैसले को टाला

जेट एयरवेज़ आर्थिक तंगी से जूझ रही है और कंपनी प्रबंधन सामान्य कर्मचारियों, पायलटों और क्रू मेंबरों की सैलरी नहीं दे पा रहा है.

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जेट एयरवेज के पायलटों के संगठन ने 'विमान नहीं उड़ाने' के फैसले को टाला

प्रतीकात्मक चित्र

मुंबई :

जेट एयरवेज़ की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. एनडीटीवी से बातचीत में जेट पायलट यूनियन ने हड़ताल पर जाने के संकेत दिए थे लेकिन बाद में इस फैसले को टाल दिया गया. सैलरी न मिलने की वजह से जेट के पायल रविवार आधी रात से विमानों का परिचालन नहीं करने पर सहमत थे. जेट एयरवेज़ आर्थिक तंगी से जूझ रही है और कंपनी प्रबंधन सामान्य कर्मचारियों, पायलटों और क्रू मेंबरों की सैलरी नहीं दे पा रहा है. जनवरी महीने के बाद से वेतन ना मिलने से नाराज सभी पायलट औऱ इंजीनियर सोमवार सुबह 10 बजे मुंबई में इकट्टा होकर प्रदर्शन करने वाले हैं. यूनियन ने सभी पायलटों को अपने यूनिफार्म में अंधेरी के सिरोया सेंटर में हाजिर रहने को कहा है.

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गौरतलब है कि नाराज़ पायलट इसके पहले 1 अप्रैल से हड़ताल पर जाने वाले थे लेकिन तब जेट प्रबंधन से आश्वासन मिलने पर 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया था. पायलटों के संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) से जेट एयरवेज के करीब 1100 पायलट जुड़े हैं. शुक्रवार को जेट के कर्मचारियों ने मुंबई में प्रदर्शन कर वेतन भुगतान की मांग की थी. उसके बाद शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर भी प्रदर्शन हुआ लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया है. जेट एयरवेज कर्मचारी यूनियन ऑल इंडिया ऑफिसर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन के प्रमुख किरण पावसकर ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि अभी सिर्फ 6 उड़ानें जारी हैं, सोमवार को सब बंद हों जाएं तो कोई हैरानी की बात नहीं है.

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हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से वित्तीय सहायता की उम्मीद है. सोमवार तक कुछ फैसला हो सकता है. शुक्रवार को प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने सहार पुलिस थाने जाकर कंपनी के पुराने चैयरमैन नरेश गोयल, एसबीआई बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार और कंपनी के वर्तमान सीईओ विनय दुबे के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज कराने की मांग भी की. 25 साल पुरानी जेट एयरवेज कंपनी वित्तीय घाटे की वजह से आर्थिक संकट से गुजर रही है. कभी इसके बेड़े में 123 जहाज परिचालन में हुआ करते थे, आज गिनती के बचे हैं. कंपनी ने अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रद्द कर दी हैं. सिर्फ कुछ घरेलू उड़ानें चल रही हैं.

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जेट एयरवेज के पायलटों ने विमान नहीं उड़ाने का फैसला 15 अप्रैल तक टाला

8000 करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबी जेट एयरवेज को घाटे से उबारने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में बैंकों के एक समूह ने 1500 करोड़ की वित्तीय सहायता देने की घोषणा भी की थी. इन दिनों जेट एयरवेज के प्रबंधन का काम भी बैंक का समूह ही देख रहा है. जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल को चेयरमैन पद से हटना पड़ा है. इस बीच एयरलाइन्स को संकट से उबारने के लिए नए मालिक की तलाश भी जारी है. एयरलाइन के शेयर बेचने के लिए एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों ने शुक्रवार शाम 6 बजे तक बोलियां मांगी थीं. खबर है कि पूर्व चैयरमैन नरेश गोयल ने भी बोली लगाई है. जेट में हिस्सेदारी खरीदने के लिए कुल 7 कंपनियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट दिखाया है.



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