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झारखंड में बीजेपी के मंत्री ने मुस्लिम विधायक से जबरन 'जय श्री राम' का नारा लगाने को कहा, देखें- Video

वीडियो में दिख रहा है कि मंत्री सीपी सिंह विधायक इरफान अंसारी का हाथ पकड़े हुए हैं और वे कहते हैं, ''इरफान भाई आप जोर से 'जय श्री राम' का नारा लगाइये.''

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खास बातें

  1. झारखंड विधानसभा के सामने हुआ वाकया
  2. राज्य की बीजेपी सरकार में मंत्री हैं सीपी सिंह
  3. कांग्रेस विधायक पर दबाव बनाते दिखे सीपी सिंह
रांची :

झारखंड में एक मंत्री कांग्रेस के एक मुस्लिम विधायक पर 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए दबाव बनाते दिखे. यह घटना विधानसभा के बाहर हुई और पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया. वीडियो में दिख रहा है कि मंत्री सीपी सिंह विधायक इरफान अंसारी का हाथ पकड़े हुए हैं और वे कहते हैं, ''इरफान भाई आप जोर से 'जय श्री राम' का नारा लगाइये.'' सीपी सिंह यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे इरफान अंसारी से कहा कि, 'आपके पूर्वज भी राम वाले ही थे, बाबर वाले नहीं.' वीडियो में आगे दिखाई दे रहा है कि इरफान अंसारी कहते हैं, ''आप लोग राम का नाम डराने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं...राम के नाम को बदनाम कर रहे हैं. इस वक्त नौकरियों, पानी, बिजली और सीवर पर बात होनी चाहिए.'' इस पर सीपी सिंह कहते हैं, 'मैं यह आपको डराने के लिए नहीं कर रहा हूं. यह मत भूलिये कि आपके पूर्वज जय श्री राम का नारा लगाते रहे हैं...तैमूर, बाबर, गजनी आपके पूर्वज नहीं थे...आपके पूर्वज श्री राम को मानने वाले थे.  

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आपको बता दें कि सीपी सिंह झारखंड की बीजेपी सरकार में शहरी विकास, आवास और ट्रांसपोर्ट मंत्री हैं. वहीं, इरफान अंसारी जामताड़ा से विधायक हैं. इस पूरे मामले पर बीजेपी नेताओं का कहना है कि इस वाकये को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया. आपको बता दें कि झारखंड में ही पिछले दिनों तबरेज़ अंसारी नाम के शख़्स की बाइक चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने पिटाई की थी और 'जय श्री राम' कहने के लिए दवाब डाला था. पिटाई की वजह से तबरेज़ अंसारी की मौत हो गई थी. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में काफ़ी बवाल मचा था.  

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तबरेज़ अंसारी की मौत के मामले में राज्य सरकार की ओर से एक जांच दल का गठन किया गया था जिसने पाया कि तबरेज की मौत के पीछे पुलिस और डॉक्टर दोनों की दोषी हैं. इस जांच दल में सरायकेला खरसावां के उपायुक्त ने सदर एसडीओपी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था जिसमें वहां के सिविल सर्जन भी शामिल थे. इस रिपोर्ट में माना गया हैं कि तबरेज अंसारी की मौत के लिए सिर पर गंभीर चोट लगी जिसमें उसकी नस फट गई और ब्रेन हेमरेज हो गया. इस जांच कमेटी ने यह भी पाया कि पुलिस को समय पर ख़बर करने के बावजूद वह घटना स्थल पर कई घंटे बाद पहुंची और इस बीच तबरेज की पिटाई भी लगातार जारी रही.  

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