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जेएनयू छात्रसंघ और प्रशासन ने एक दूसरे पर आरोप लगाए

जेएनयूएसयू चुनाव समिति के सदस्यों ने दावा किया कि हाल में हुए चुनावों में कथित तौर पर लिंगदोह समिति के दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं करने को लेकर कदम की ओर से जारी समन का जवाब देने वे उनके कार्यालय गए तो उन्हें वहां प्रवेश नहीं दिया गया.

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जेएनयू छात्रसंघ और प्रशासन ने एक दूसरे पर आरोप लगाए

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव के लिए गठित चुनाव समिति और विश्वविद्यालय प्रशासन में बुधवार को जुबानी जंग जारी रही और दोनों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए. विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टुडेंटस उमेश कदम ने छात्रों पर उन्हें बंधक बनाने का आरोप लगाया. वहीं, जेएनयूएसयू चुनाव समिति के सदस्यों ने दावा किया कि हाल में हुए चुनावों में कथित तौर पर लिंगदोह समिति के दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं करने को लेकर कदम की ओर से जारी समन का जवाब देने वे उनके कार्यालय गए तो उन्हें वहां प्रवेश नहीं दिया गया.

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बता दें कि कदम ने सोमवार को छात्रों द्वारा संचालित चुनाव समिति के सदस्यों को नोटिस जारी कर मामले में बुधवार सुबह 10 बजे तक जवाब देने को कहा था. कदम शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ (जीआरसी) के भी अध्यक्ष हैं और उन्होंने दावा किया कि सुबह दस बजे से दोपहर ढाई बजे के बीच चुनाव समिति के सदस्य उनके कार्यालय नहीं आए. वे शाम साढ़े पांच बजे आए तब हमने कार्यालय बंद होने का समय होने की वजह से उनका जवाब स्वीकार करने से मना कर दिया. इसके बाद वे कार्यालय के गेट पर ही बैठ गए और कई घंटे तक उन्हें बंधक बनाए रखा. इससे उनका रक्तचाप बढ़ गया और उन्हें घबराहट होने पर स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ा.  



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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