JNU देशद्रोह मामला: मुकदमे को मंजूरी देने के लिए कानूनी सलाह ले रही है दिल्ली सरकार, कोर्ट ने पुलिस को लगाई थी फटकार

कन्हैया कुमार और नौ अन्य लोगों के खिलाफ दायर आरोपपत्र को लेकर अदालत ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया था कि उन्होंने समुचित अनुमति/मंजूरी के बगैर उनके खिलाफ आरोपपत्र कैसे दायर कर दिया है.

JNU देशद्रोह मामला: मुकदमे को मंजूरी देने के लिए कानूनी सलाह ले रही है दिल्ली सरकार, कोर्ट ने पुलिस को लगाई थी फटकार

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार.

खास बातें

  • कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से किया था सवाल
  • पूछा था- बिना मंजूरी के कैसे दायर की चार्जशीट
  • दिल्ली सरकार को तीन महीने में देनी होगी मंजूरी
नई दिल्ली:

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)देशद्रोह मामले (Sedition Case)में मुकदमा चलाने की अनुमति देने के संबंध में दिल्ली सरकार (Delhi Govt)कानूनी सलाह ले रही है. सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्षकन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और नौ अन्य लोगों के खिलाफ दायर आरोपपत्र को लेकर अदालत नेदिल्ली पुलिस (Delhi Police) से सवाल किया था कि उन्होंने समुचित अनुमति/मंजूरी के बगैर उनके खिलाफ आरोपपत्र कैसे दायर कर दिया है. शनिवार को अदालत के सवाल करने के बाद से ही दिल्ली की आप सरकार और शहर पुलिस के बीच खींचतान चल रही है.

दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के लिए अदालत ने नियम तय किए हैं और उनका पालन किया जाएगा. सूत्र ने बताया, ‘नियमानुसार सरकार को मंजूरी देने के लिए तीन महीने का वक्त मिलता है. दिल्ली पुलिस को आरोपपत्र दायर करने में तीन साल का वक्त लगा. सरकार को फैसला लेने से पहले कानूनी सलाह लेने की अनुमति दी जानी चाहिए.' उन्होंने कहा, लेकिन यदि सरकार तीन महीने में कोई फैसला नहीं ले पाती है तो, इसे मुकदमे के लिए मंजूरी मिली मान लिया जाएगा. दिल्ली पुलिस ने 14 जनवरी को इस संबंध में आरोपपत्र दायर किया था.    मामला 2016 में जेएनयू परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में देश-विरोधी नारे लगाने से जुड़ा है.

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दरअसल, देशद्रोही मामले में दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के अनुमति लेनी होती है और यह दिल्ली सरकार का लॉ डिपार्टमेंट देता है. इतना ही नहीं, अनुमति लेने के लिए फाइल एलजी के पास भी जाती है. अगर परमिशन नहीं मिली तो चार्जशीट पर कोर्ट संज्ञान नहीं लेगा. बताया जा रहा है कि पुलिस ने जिस दिन चार्जशीट पेश की उसी दिन परमिशन के लिए अप्लाई किया था. 

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दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट सेक्शन-124 A,323,465,471,143,149,147,120B के तहत  पेश की गई है. चार्जशीट में कुल 10 मुख्य आरोपी बनाए हैं जिसमें कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य हैं. चार्जशीट में मुख्य आरोपी कन्हैया कुमार, अनिर्बान भट्टाचार्य, उमर खालिद, सात कश्मीर छात्र और 36 अन्य लोग हैं. चार्जशीट के मुताबिक कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे. गवाहों के हवाले से चार्जशीट में बताया गया है कि कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे. पुलिस को कन्हैया का भाषण देते हुए एक वीडियो भी मिला है. इसके साथ ही कहा गया है कि कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की पहले से जानकारी थी. चार्जशीट में जिन सात कश्मीरी छात्रों के नाम हैं, उनसे पूछताछ हो चुकी है.

(इनपुट- भाषा)

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