CAA, NRC के खिलाफ बांग्ला कलाकारों की एकजुट आवाज, 'कागज नहीं दिखाएंगे', Video वायरल

अदाकार धृतिमान चटर्जी, सव्यसाची चक्रवर्ती, कोंकणा सेन शर्मा, नंदना सेन और स्वास्तिका मुखर्जी, निर्देशक रूपम इस्लाम समेत 12 शख्सियतों ने वीडियो में कहा है- ‘कागोज अमरा देखाबो ना.’

CAA, NRC के खिलाफ बांग्ला कलाकारों की एकजुट आवाज,  'कागज नहीं दिखाएंगे', Video वायरल

वायरल हो रही बांग्ला कविता वरुण ग्रोवर की हिंदी कविता का रीमेक है.

कोलकाता:

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के खिलाफ अब बांग्ला कलाकारों ने आवाज मुखर की है. कलाकारों ने वरुण ग्रोवर की कविता, 'कागज हम नहीं दिखाएंगे' का बांग्ला वर्जन बनाया है, जो अब वायरल हो रहा है. पश्चिम बंगाल के कलाकार, निर्देशकों और संगीतकारों ने एक साथ आकर एक वीडियो के जरिए कहा है कि वे कोई कागजात नहीं दिखाएंगे. अदाकार धृतिमान चटर्जी, सव्यसाची चक्रवर्ती, कोंकणा सेन शर्मा, नंदना सेन और स्वास्तिका मुखर्जी, निर्देशक रूपम इस्लाम समेत 12 शख्सियतों ने वीडियो में कहा है- ‘कागोज अमरा देखाबो ना.'

धृतिमान चटर्जी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हममें से कई लोग अपने आसपास की स्थिति से चिंतित हैं. हमें लगा कि सोशल मीडिया के जरिए अपने विरोध को दिखाने के लिए हमें कुछ जरूर करना चाहिए क्योंकि यह सशक्त माध्यम हो सकता है.''

अदाकारा कोंकणा सेन शर्मा ने कहा , ‘‘धार्मिक आधार पर लोगों को बांटकर आप नहीं रह सकते. हम कागज नहीं दिखाएंगे.'' वहीं निर्देशक सुमन मुखोपाध्याय ने कहा कि देश के छात्रों और लोगों ने विरोध का रास्ता दिखाया.

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बता दें वरुण ग्रोवर ने पहली बार 21 दिसंबर को हिंदी में इस कविता पाठ करते हुए एक छोटा वीडियो ट्वीट किया था. इसे हजारों लोगों ने लाइक और रिट्वीट किया था. इस वीडियो में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कविता को कॉपीराइट नहीं किया गया है, और कोई भी इसे उपयोग करने के लिए स्वतंत्र है.