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पुलवामा आतंकी हमले के बाद राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने धारा 370 को लेकर की यह मांग

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब केंद्र की सरकार धारा 370 को हटाने को लेकर कोई फैसला करे.

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पुलवामा आतंकी हमले के बाद राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने धारा 370 को लेकर की यह मांग

कल्याण सिंह ने जम्मू-कश्मीर को लेकर दिया यह बयान

खास बातें

  1. समय आ गया है कि अब धारा 370 को लेकर फैसला किया जाए- कल्याण सिंह
  2. भारत सरकार को आतंकवाद को लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए
  3. राजस्थान के मंत्री ने भी रखी धारा 370 को हटाने की मांग
नई दिल्ली:

पुलवामा आतंकी हमले को लेकर देशभर में आक्रोश है. इस हमले को लेकर आए दिन कोई न कोई बयान सामने आ रहा है. कोई पाकिस्तान से युद्ध करने की बात कर रहा है तो कोई आतंकियों का साथ देने वाले कश्मीरी लोगों को सबक सिखाने का सुझाव दे रहा है. इन सब के बीच राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने भी एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बुधवार को केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में लगे अनुच्छेद 370 को हटा लिया जाए. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब केंद्र की सरकार धारा 370 को हटाने को लेकर कोई फैसला करे. सिंह ने कहा कि इस धारी की वजह से ही अलगाववादी नेता देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा करते हैं.

 


बता दें कि कल्याण सिंह अकेले नहीं जो धारा 370 को हटाने की मांग कर रहे हैं. उनके साथ-साथ राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी केंद्र सरकार से जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की मांग की है. मंत्री ने मंगलवार को कहा कि केंद्र को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना चाहिए. कांग्रेस एवं अन्य दल इस बारे में केंद्र सरकार के साथ हैं. पाकिस्तान को सबक सिखाया जाना चाहिए और बदला लेने का यही सही समय है. खाचरियावास ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि केंद्र सरकार अनुच्छेद 370 को हटाए, सभी दल केंद्र सरकार के साथ हैं.

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कांग्रेस भी इसमें पूरी तरह से सरकार के साथ है, पाकिस्तान को घर में घुसकर सबक सिखाएं. अब बदला लेने का वक्त है. खाचरियावास ने मंगवालर को झुंझुनूं जिले के टीबा खेतड़ी गांव में शहीद श्योराम को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो सोमवार को पुलवामा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए. इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि राजग सरकार को अनुच्छेद 370 को हटाना चाहिए. केंद्र द्वारा इस बारे में फैसला किए जाने का यह सही समय है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले योग गुरु स्वामी रामदेव ने भी इस हमले को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि पूरी दुनिया अब हमारी तरफ देख रही है. दुश्मन देश हमारा सबकुछ बर्बाद करने पर अमादा हो और हम चुप होकर बैठे रहें इससे काम नहीं बनेगा. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए उसके खिलाफ युद्ध छेड़ना चाहिए. इसके अलावा बलूचिस्तान को आजादी दिलाने में भी मदद करनी चाहिए. योग गुरु ने रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआपीएफ के दल पर आतंकवादी हमले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त दी थी. बाबा रामदेव ने कहा था कि हमें पाकिस्तान और आतंकवादियों को जवाब देना है तथा सबसे पहले हमें पाकिस्तान के तीन टुकड़े कर देना चाहिए.'

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उन्होंने कहा था कि बलुचिस्तान में जो आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें आर्थिक, राजनीतिक और हथियारों के तौर पर सभी तरह की मदद करनी चाहिए तथा बलुचिस्तान को आजाद कराना चाहिए.' रामदेव ने कहा था कि पाकिस्तान ने जो भारत में कब्जा जमाया हुआ है उस पीओके का भारत में विलय कराया जाना चाहिए. वहां जितने भी आतंकी शिविर चल रहे हैं उन्हें ध्वस्त किया जाना चाहिए.' उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के भीतर जो विद्रोही हैं उन्हें भारत को मदद करके उनसे बगावत करानी चाहिए और पाकिस्तान को पूरा ध्वस्त कर देना चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो पाकिस्तान अपनी नापाक हरकत बंद नहीं करेगा.'

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रामदेव ने कहा था कि अब तक हमने 50 हजार से अधिक सैनिकों और नागरिकों को खो दिया है तथा यह भारत के लिए एक बड़ा दंश और दर्द है. एक शक्तिशाली देश ने पाकिस्तान की नापाक गतिविधियों के कारण अपने 50 हजार लागों को खोया है. अब हमें पाकिस्तान को सबक सिखाना है. दिन पर दिन पीड़ित होने की बजाय हम युद्ध लड़ें और पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाएं कि वह अगले 50 वर्षों तक खड़े होने की हिम्मत न कर सके.' योग गुरु ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की अस्मिता से जुड़ा मामला है.

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उन्होंने कहा था कि राम को वह न तो वोटबैंक मानते हैं और न ही राजनीतिक मुद्दा मानते हैं. उन्होंने कहा था कि राम राष्ट्र की अस्मिता हैं. राम राष्ट्र की मर्यादा है, वह हमारी आचरण की श्रेष्ठता है. राम हिंदू और मुस्लिम दोनों के पूर्वज हैं, इसलिए इसमें मजहब आगे नहीं आता है. राम मंदिर तो बनना ही चाहिए और राम मंदिर बनने के साथ साथ राम और सीता जैसा चरित्र भी बने. राम मंदिर और राष्ट्र का चरित्र निर्माण होगा तब सच्चे अर्थों में देश में राम राज्य आएगा.' उन्होंने कहा था कि कुंभ में तय हुआ कि राम मंदिर पर सारा राष्ट्र एक है. हमें बड़े मुददों पर एक होना चाहिए और पूरा राष्ट्र एक दिखना चाहिए. राम के नाम पर बंटवारा नहीं होना चाहिए.

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