NDTV Khabar

दीपिका पादुकोण के JNU जाने पर बोले कन्हैया कुमार - कैंपस आने से पहले तक वह देशभक्त थीं लेकिन अब...

कन्हैया कुमार ने कहा कि जब वह पीएम मोदी के लिए प्रचार करती हैं तो देशभक्त होती हैं लेकिन JNU आती हैं तो देशद्रोही.जब दीपिका JNU आईं तो उन्होंने न तो कुछ कहा न ही हमारे साथ नारे लगाए और न ही किसी का नाम लिया. वह चुप थीं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां

खास बातें

  1. कन्हैया कुमार ने दीपिका पादुकोण के जेएनयू आने की सराहना की
  2. दीपिका जेएनयू आईं तो कुछ लोगों के लिए देशद्रोही हो गईं
  3. हिंसा में घायल छात्रों से मिलने जेएनयू कैंपस आई थीं दीपिका
नई दिल्ली:

बॉलीवुड एक्टर दीपिका पादुकोण के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) कैंपस जाने को लेकर JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि  दीपिका पादुकोण  JNU कैंपस में आने से पहले तक देशभक्त थीं लेकिन जब वह हिंसा में घायल हुए छात्रों का साथ देने कैंपस आईं तो कुछ लोगों के लिए एकाएक देशद्रोही हो गईं. कन्हैया कुमार ने कहा कि जब वह पीएम मोदी के लिए प्रचार करती हैं तो देशभक्त होती हैं लेकिन JNU आती हैं तो देशद्रोही. आपने देखा होगा कि जब दीपिका JNU आईं तो उन्होंने न तो कुछ कहा न ही हमारे साथ नारे लगाए और न ही किसी का नाम लिया. वह चुप थीं. उन्होंने घायल छात्रों से मुलाकात की और चली गईं. अब बीजेपी वाले कह रहे हैं कि दीपिका की फिल्म का बहिष्कार करने को कह रहे हैं. मुझे तो हैरानी है कि JNU में आने के बाद दीपिका ने न तो किसी पार्टी का नाम लिया न ही किसी विचारधारा की बात की और न ही नारे लगाए. फिर उनकी फिल्म क्यों न देखी जाए.

जेएनयू की घटना के लिए अमित शाह और रमेश पोखरियाल निशंक जिम्मेदार, कुलपति को हटाया जाए : कांग्रेस


बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 5 जनवरी को छात्रों के साथ हुई हिंसा को लेकर गुरुवार को JNU छात्र संघ और JNU के शिक्षक एसोसिएशन ने विरोध मार्च निकाला. इस मार्च में JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार भी शामिल हुए. दिल्ली में मंडी हाउस से मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक निकाले गए इस मार्च के दौरान कन्हैया कुमार ने बीजेपी और खास कर गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री हमे टुकड़े-टुकड़े गिरोह कहकर बुलाते हैं. तो मैं उनको बस इतना बता देना चाहता हूं कि हम देश के टुकड़े नहीं बल्कि बीजेपी के टुकड़े करेंगे. 

JNU में बोले कन्हैया कुमार- सरकार ने गलती कर दी, उसने बुद्धिमान और मेहनती दुश्मन को चुन लिया

कन्हैया कुमार ने इस दौरान कहा कि जेएनयू कहता है कि इस देश में जनता की चुनी हुई सरकार है, जनता ने टैक्स दिया है. सरकार जो प्राइवेट जहाज पर उड़ती है, जो अपने दोस्तों को बड़े ठेके दिलाती है. उस सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सरकार शिक्षण संस्थान को बचाए, रेलवे को बचाए. राष्ट्रवाद के नाम पर सरकार राष्ट्रीय संपत्ति को बेचना बंद करे. कन्हैया ने कहा कि आपको (केंद्र सरकार) क्या लगता है कि कभी आप रिजर्वेशन को गाली देकर , कभी मारिट का तर्क लाकर हमारी लड़ाई गुमराह कर देंगे. हम आपसे बहस के लिए तैयार हैं. मेरिट ये होता है कि इस विश्वविद्याय में गरीब से गरीब बच्चे अपने मेरिट से यहां पढ़ने आ सकें.

दीपिका पादुकोण पहुंची जेएनयू, कन्हैया कुमार ने कहा- हम नहीं देख पाए

कन्हैया कुमार ने कहा कि जेएनयू सिर्फ आज की पीढ़ी के लिए नहीं लड़ता है. वह आगे की पीढ़ी के लिए लड़ता है. हम सिर्फ अपने लिए नहीं जीना सीखते हैं. कन्हैया ने कहा कि इस देश का संविधान सभी नागरिकों को पढ़ने और सपने देखने का अधिकार देता है. आप हमारे सपने को मार देना चाहते हैं, हम नहीं मरने देंगे अपने सपने. आपको भ्रम हैं कि पुलिस से पिटवा कर हम इनको रोक देंगे. 

जेएनयू पहुंचीं दीपिका पादुकोण, हिंसा के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों के साथ दिखाई एकजुटता

कुछ दिन पहले ही  भाकपा नेता एवं जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा था कि जेएनयू सदैव उन मुद्दों की चर्चा करता है जिनकी खबर भी नहीं बनती. सरकार ने गलती कर दी है. उन्होंने एक बुद्धिमान और मेहनती शत्रु को चुन लिया है.' उन्होंने कहा था कि जब उन्हें ‘‘टुकड़े टुकड़े गैंग'' का नेता कहा जाता है तो वह गौरवान्वित महसूस करते हैं.

दीपिका पादुकोण पहुंची जेएनयू, कन्हैया कुमार ने कहा- हम नहीं देख पाए

वहीं, बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुए हमले के बाद छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए मंगलवार को जेएनयू पहुंची थी लेकिन उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित नहीं किया. दीपिका शाम सात बज कर 40 मिनट पर विश्वविद्यालय परिसर पहुंची और उन्होंने एक जनसभा में हिस्सा लिया था. यह बैठक रविवार को परिसर में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले पर बातचीत के लिए जेएनयू शिक्षक संघ और जेएनयूएसयू ने बुलाई थी. जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार जिस वक्त आजादी के नारे लगा रहे थे दीपिका खड़ी हो गईं और जब तक जेएनयूएसयू नेता आइशी घोष ने बोलना शुरू किया दीपिका जा चुकी थीं.

जेएनयू पहुंचीं दीपिका पादुकोण, हिंसा के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों के साथ दिखाई एकजुटता

मौजूद लोगों को संबोधित नहीं करने के दीपिका के निर्णय पर घोष ने टिप्पणी की,‘‘जब आप एक हस्ती हैं तो आपको बोलना चाहिए.' जेएनयूटीए सचिव सुरजीत मजूमदार ने कहा था कि दीपिका छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने यहां आईं थीं. राष्ट्रीय राजधानी में अपनी आगामी फिल्म ‘छपाक' का प्रमोशन करने आईं 34 वर्षीय अभिनेत्री ने सोमवार को कहा था कि यह जरूरी है कि लोग बदलाव लाने के लिए अपने विचार व्यक्त करें.

दीपिका ने सोमवार रात ‘एनडीटीवी इंडिया' से कहा था कि यह देखकर मुझे गर्व होता है कि हम अपनी बात कहने से डरे नहीं हैं... चाहे हमारी सोच कुछ भी हो, लेकिन मेरे ख्याल से हम देश और इसके भविष्य के बारे में सोच रहे हैं, ये अच्छी बात है.' ‘छपाक' की निर्देशक मेघना गुलजार ने कहा था कि वह लोगों की पीड़ा महसूस कर सकती हैं, हालांकि मुद्दों की उन्हें अच्छी जानकारी नहीं है. 

JNU में मचे बवाल को लेकर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने किया ट्वीट, कहा- कितनी बेशर्म सरकार है...

टिप्पणियां

मेघना ने कहा था कि निश्चित रूप से (हमारे भी) विचार हैं. हम भी इसी समाज में रहते हैं, इसलिए हम प्रतिक्रिया देंगे. दुर्भाग्य से हमारे पास पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए इस वक्त टिप्पणी नहीं की जा सकती. लेकिन पीड़ा है, जागरूकता है.' उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करती हूं कि अमन का माहौल बन जाए.'



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें. India News की ज्यादा जानकारी के लिए Hindi News App डाउनलोड करें और हमें Google समाचार पर फॉलो करें


 Share
(यह भी पढ़ें)... काजल राघवानी के प्यार में खेसारी लाल यादव बने 'कबाड़ी', घर के सामने खड़े होकर किया यह तमाशा- देखें Video

Advertisement