NDTV से बोले कन्हैया कुमार, ' 'चिराग' से अपना घर रौशन कर नीतीश का घर जलाना चाहती है BJP'

CPI नेता कन्हैया कुमार ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन के जरिए रोजगार छीना गया. बिहार में सिर्फ कोरोना महामारी नहीं बल्कि बेरोजगारी की महामारी भी है.

NDTV से बोले कन्हैया कुमार, ' 'चिराग' से अपना घर रौशन कर नीतीश का घर जलाना चाहती है BJP'

सीपीआई नेता कन्हैया कुमार (फाइल फोटो).

नई दिल्ली:

CPI नेता कन्हैया कुमार ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन के जरिए रोजगार छीना गया. बिहार में सिर्फ कोरोना महामारी नहीं बल्कि बेरोजगारी की महामारी भी है. इस बार लोगों ने बदलाव का संकल्प लिया है. इस बार चुनाव में लोग ऐसी सरकार को चुनेंगे जो युवा को रोजगार दे, शिक्षकों को समान वेतन दे, किसानों को उनकी फसल का दाम दे और निष्पक्ष परीक्षा करा सके.

कन्हैया ने कहा कि जन-जन ने ये ठाना है ,नया बिहार बनाना है. राजद पर लग रहे आरोपों पर कन्हैया ने कहा कि छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी. उन्होंने कहा कि पुराने बिहार की बात नही करेंगे, नया बिहार बनाना है. कन्हैया ने कहा कि हमारे पास 243 पर लड़ने का संसाधन नहीं है, ज्वॉइंट कैंपेन के तहत सीमित सीटों पर प्रचार कर रहे हैं. 

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कन्हैया ने कहा, 'हम स्टार नहीं लोगों का प्यार हैं.' उन्होंने कहा कि जोश के साथ होश जरूरी है. बिहार के लोगों ने बदलाव का सपना देखा है. चुनाव न लड़ने पर कन्हैया ने कहा कि किसी की शादी में बाराती होते हैं तो दूल्हे नहीं बन जाते. पार्टी जो जिम्मेदारी देगी वो करेंगे. सिर्फ चुनाव लड़ना मकसद नहीं है. पार्टी जो कहेगी वो करेंगे. राजनीति टीम वर्क से चलती है. 

उन्होंने कहा कि सत्ता के खिलाफ लहर है जो नीतीश के खिलाफ है तो मोदी के खिलाफ भी है. कन्हैया ने कहा कि बीजेपी जिस डाल पर बैठती है उसी को काटती है. 15 साल के बाद लोग नीतीश से ऊब गए हैं, लोग बदलाव चाहते हैं. 'बीजेपी ने चालाकी से 'चिराग' अपने हाथ में लिया अपना घर रौशन किया, नीतीश का घर जला रहे हैं. नीतीश को साथ में रखकर डंप कर देना चाहते हैं.'

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कन्हैया कुमार ने कहा कि लॉकडाउन में मेरी जितनी क्षमता थी उससे लोगों की मदद की. सवाल तो लोगों को सरकार से पूछना चाहिए. राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर कन्हैया ने कहा कि मेरा किसी व्यक्ति से समझौता नहीं है. हम महागठबंधन में शामिल हैं. किसी नेता से नहीं बल्कि नीति से समझौता है. 

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कन्हैया कुमार ने कहा कि हमें आशावादी होने की जरूरत है. समस्या के निदान के प्रति आशावादी होना जरूरी है. बिहार के युवा जाति से ऊपर उठकर रोजगार की बात करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मौका मिलेगा तो बिहार का दशरथ मांझी बनने की पूरी कोशिश करूंगा. साथ ही साथ कन्हैया ने कहा कि सरकार ओपिनियन पोल से नहीं बनती है.