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कर्नाटक विधानसभा चुनाव: एक ऐसा निर्दलीय उम्मीदवार, जो कभी चाय बेचता था आज है 322 करोड़ का मालिक

इन करोड़पतियों की फेहरिस्त में मंत्री से लेकर निर्दलीय उम्मीदवार तक शामिल हैं.

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव: एक ऐसा निर्दलीय उम्मीदवार, जो कभी चाय बेचता था आज है 322 करोड़ का मालिक

अनिल कुमार (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कर्नाटक में उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर रहे हैं.
  2. कर्नाटक में 12 मई को होंगे चुनाव.
  3. 15 मई को चुनाव के नतीते आएंगे.
नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला जारी है. अगर कर्नाटक में अब तक के दाखिल नामांकन पत्र पर गौर करें तो उनमें करोड़पति उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त है. इन करोड़पतियों की फेहरिस्त में मंत्री से लेकर निर्दलीय उम्मीदवार तक शामिल हैं. एक तरफ इस लिस्ट में जहां कर्नाटक ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार, वहीं एक ऐसा निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है, जो कभी चाय बेचता था, मगर आज वह करीब 322 करोड़ रुपये का मालिक है. 

पहले अगर कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार की बात करें तो उनकी आमदनी पत्नी के साथ मिलाकर बीते पांच साल में तीन गुनी हो चुकी है. 2013 में 215 करोड़ रुपये से बढ़ कर 618 करोड़ हो गये. डी के शिवकुमार के घर हाल ही में आयकर विभाग का छापा भी पड़ा था.  बता दें कि शिवकुमार ने कनकपुरा से पर्चा डाला है. 

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अब बात करते हैं उस करोड़पति उम्मीदवार की जो कभी चाय बेचता था, मगर अब राजनीति के मैदान में भाग्य आजमाने आ गया है. दरअसल, करोड़पति उम्मीदवारों में डॉ पी अनिल कुमार काफी चर्चा में हैं. अनिल कुमार तक़रीबन 322 करोड़ रुपये के मालिक हैं. लेकिन इस मुक़ाम तक पहुंचने से पहले उन्होंने होटल में बर्तन धोए, फिर चाय बेची. उन दिनों को याद कर आज भी उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं. 

अनिल कुमार के मुताबिक, ' मेरी मां लोगों के घरों में काम करती थी. मेरी मां को 4 इडली खाने को मिलते थे, तो वह पहले हम तीन भाई-बहनों को खिला दिया करती थी. 'गौरतलब है कि  राज्य में 12 मई को चुनाव होने हैं जबकि 15 मई को नतीजे आएंगे.

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दरअसल, आईटी सेक्टर उछाल पर आया तो अनिल की चाय का धंधा चमक गया. हालांकि, इससे पहले किसी तरह उनकी दुकान चलती थी. उन्होंने जो कमाया वह रियल एस्टेट में लगाया. खास बात है कि उनकी 5 लाख की ज़मीन करोड़ो में जा पहुंची तो अनिल को करोड़पति बनते देर नहीं लगी. बहरहाल, इस बार अनिल बोमनाहल्ली से निर्दलीय उम्मीदवार हैं. 

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चुनाव जीतने के सवाल पर अनिल करते हैं कि उन्हें ऊपरवाले पर पूरा भरोसा है. बता दें कि अनिल कुमार अपने इलाके में काफी लोकप्रिय हैं. लेकिन डर है कि कहीं जात-पात और धर्म के समीकरणों से लड़े जाने वाले चुनाव में उनकी अच्छाई और कुछ कर दिखाने का जज़्बा कहीं दब न जाये. 

 


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