इस राज्य के प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना के मरीजों को भर्ती करने से किया इनकार तो...

कर्नाटक सरकार ने रविवार को राज्य में स्थित सभी प्राइवेट अस्पतालों को चेतावनी दी है कि अगर वह कोरोना के मरीज को भर्ती करने से इनकार करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आपराधिक मामले भी शामिल हैं.

इस राज्य के प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना के मरीजों को भर्ती करने से किया इनकार तो...

रविवार को कर्नाटक में कोरोना के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखा गया. (प्रतीकात्मक)

बेंगलुरु:

कर्नाटक सरकार ने रविवार को राज्य में स्थित सभी प्राइवेट अस्पतालों को चेतावनी दी है कि अगर वह कोरोना के मरीज को भर्ती करने से इनकार करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आपराधिक मामले भी शामिल हैं. कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री के. सुधाकर ने बेंगलुरु के जयनगर जनरल अस्पताल और राजीव गांधी चेस्ट अस्पताल के औचक दौरे से लौटने के बाद विधान सौधा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए इसका ऐलान किया.

उन्होंने निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना के मरीजों के इलाज से इनकार करने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा, 'किसी भी अस्पताल को मरीजों को भर्ती करने से मना नहीं करना चाहिए. अगर कोई भी अस्पताल इलाज से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे.' 

सरकार की तरफ से यह चेतावनी उस सर्कुलर के ठीक एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि बेंगलुरु और उसके आसपास के मरीजों को जल्द से जल्द अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए. इससे पहले कई रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि कोविड-19 के मरीजों को अस्पतालों में भर्ती होने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. 

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने कोविड मरीजों को लेकर छह अलग-अलग तरह की गतिविधियां अपनाई है. इनमें कोरोना देखभाल केंद्र, सरकारी मेडिकल कॉलेज, निजी मेडिकल कॉलेज, सरकारी अस्पताल, कॉरपोरेट अस्पताल और होम क्वारेंटाइन शामिल हैं. इन सभी जगहों पर सरकारी दिशा निर्देशों के मुताबिक कोरोना के मरीजों का इलाज के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है.

बेंगलुरु में कोरोना के मामलों में अचानक आई तेजी को लेकर चिंताओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा, 'लक्ष्य यह है कि पूरी क्षमता से टेस्ट‍िंग को बढ़ाया जाए विशेषकर निजी लैब में. एक बार हम टेस्टिंग बढ़ाते हैं तो यह स्वभाविक है कि पॉजिटिव मामले भी बढ़ेंगे. इसलिए लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं बल्कि उन्हें सभी एहतियाती कदम उठाने चाहिए.'

उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में इस वायरस की वजह से होने वाली मृत्यु दर 1.46% जो अन्य महानगरों की तुलना में काफी कम है. सुधाकर ने यह भी कहा कि पहले के निर्देशों के अनुसार, निजी अस्पतालों को 2,734 बेड आवंटित करने थे लेकिन अभी तक उन्होंने 116 बेड ही आवंटित किए हैं. इस मुद्दे को भी जल्द ही निपटाया जाएगा.

रविवार को कर्नाटक में कोरोना के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखा गया. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 1925 नए मामले सामने आने के बाद यहां संक्रमितों की संख्या 23,474 हो गई. वहीं 37 और लोगों की मौत इस वायरस के संक्रमण से हो गई. 

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राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों में सबसे बड़ा योगदान बेंगलुरू का ही है जहां रविवार को 1235 नए मरीज सामने आए और 16 लोगों की मौत इस जानलेवा वायरस की वजह से हो गई. हालांकि शहर में 302 लोग इस बीमारी को हराकर अस्पताल से अपने घर भी लौट गए.

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