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कर्नाटक के अयोग्य विधायकों में से 15 भाजपा में हुए शामिल, रोशन बेग पर अभी फैसला नहीं

भाजपा का लक्ष्य उपचुनाव में 15 विधानसभा सीटों में से अधिकतर पर जीत दर्ज करने का है. इन सीटों पर उपचुनाव में इन विधायकों को ही पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है

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कर्नाटक के अयोग्य विधायकों में से 15 भाजपा में हुए शामिल, रोशन बेग पर अभी फैसला नहीं

कर्नाटक के अयोग्य विधायकों में से 15 भाजपा में शामिल हो गए

बेंगलुरु:

कर्नाटक में पांच दिसंबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव लड़ने का मार्ग उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रशस्त किए जाने के एक दिन बाद अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस-जद(एस) के 15 विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया. मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा, प्रदेश भाजपा प्रमुख नलिन कुमार कतील और कर्नाटक के प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव ने इन विधायकों का पार्टी में स्वागत किया. बता दें, भाजपा का लक्ष्य उपचुनाव में 15 विधानसभा सीटों में से अधिकतर पर जीत दर्ज करने का है. इन सीटों पर उपचुनाव में इन विधायकों को ही पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है. हालांकि शिवाजीनगर से कांग्रेस के अयोग्य ठहराए विधायक आर  रोशन बेग अभी तक भाजपा में शामिल नहीं हुए है.

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इस बारे में भाजपा सूत्रों ने बेग को लेकर पार्टी नेतृत्व द्वारा ‘आपत्तियां' जताए जाने का हवाला दिया है. बता दें, बेग के खिलाफ आईएमए पोंजी घोटाला मामले में जांच चल रही है. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि सात बार विधायक रहे बेग ने बुधवार को दावा किया था कि वह अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होंगे. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार द्वारा कांग्रेस-जद(एस) के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन उनके उपचुनाव लड़ने का रास्ता साफ कर दिया. कोर्ट ने आर रमेश कुमार के आदेश का वह हिस्सा निरस्त कर दिया जिसमें इन विधायकों को 15वीं विधानसभा के कार्यकाल के अंत तक के लिए अयोग्य घोषित किया गया था. कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 2023 तक है.

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वहीं जो अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस के जो विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं उनमें प्रताप गौडा (मस्की), बी सी पाटिल (हिरेकेरूर), शिवराम हेब्बार (येल्लपुर), एस टी सोमशेखर (यशवंतपुर), बी. बासवराज (के आर पुरम), आनंद सिंह (विजयनगर), एन मणिरत्न (आर आर नगर), के सुधाकर (चिकबलपुर), एमटीबी नागराज (गोकक), महेश कुमारतली (अथानी) और आर शंकर (राणिबेन्नुर) शामिल हैं. जद(एस) के जो अयोग्य विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं उनमें के गोपालैया (महालक्ष्मी लेआउट), ए एच विश्वनाथ (हुन्सुर) और के सी नारायण गौडा (के आर पेट) शामिल हैं. इन 17 में से 15 सीटों पर उपचुनाव पांच दिसंबर को होंगे.

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हालांकि होस्कोटे में भाजपा के बागी और 2018 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले उम्मीदवार शरथ बाचेगौडा ने उपचुनाव निर्दलीय लड़ने का फैसला किया है और जद(एस) ने भी उनका समर्थन करने का इरादा जताया है. कगवाड में पूर्व भाजपा विधायक राजू कागेने पार्टी छोड़ने और कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने का आश्वासन दिया है. भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए इन 15 में से कम से कम छह सीटों पर जीत की जरूरत होगी. इन विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले 17 निर्वाचन क्षेत्रों में से 15 पर उपचुनाव होंगे, जबकि मस्की और आर आर नगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव पर रोक है, क्योंकि उनके संबंध में मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं. फिलहाल इन 15 सीटों में से 12 सीटें कांग्रेस के पास और तीन जद(एस) के पास थीं.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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