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इस अफसर को मिला गौरी लंकेश की हत्या का राज खोलने का जिम्मा

राज्य के गृह मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने बताया कि पुलिस उपायुक्त :पश्चिम: एम एन अनुचेत 21 सदस्यीय एसआईटी के जांच अधिकारी होंगे.

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इस अफसर को मिला गौरी लंकेश की हत्या का राज खोलने का जिम्मा

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या का देश भर में विरोध हो रहा है.

खास बातें

  1. बेंगलुरु में पत्रकार लंकेश की हत्या
  2. देश में कई स्थानों पर पत्रकार कर रहे हैं विरोद प्रदर्शन
  3. पुलिस से जल्द जांच की उम्मीद
बेंगलुरू:

कर्नाटक में पुलिस महानिरीक्षक (खुफिया) बीके सिंह पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की अगुवाई करेंगे. राज्य के गृह मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एम एन अनुचेत 21 सदस्यीय एसआईटी के जांच अधिकारी होंगे. उन्होंने कहा, 'सरकार इस संदर्भ में एक आदेश पारित करेगी.' इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी की अगुवाई में एक एसआईटी के गठन का ऐलान किया और कहा कि सीबीआई द्वारा जांच कराने को लेकर उनकी सरकार के 'खुले विचार' है.

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पत्रकार की मंगलवार रात यहां उनके आवास पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. वह वाम पंथ की तरफ झुकाव और हिन्दुत्व की राजनीति के खिलाफ स्पष्टवादी विचारों के लिए जानी जाती थीं.


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 गौरी लंकेश की हत्या के विरोध में अलग-अलग शहरों में देशभर के पत्रकार उमड़ पड़े. पत्रकारों का साथ देने के लिए सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के नेता भी आए. सबने माना ये लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है. बेंगलुरु से भोपाल तक और पटना से तिरुवनंतपुरम तक, गौरी लंकेश की हत्या के विरोध में अलग-अलग शहरों में पत्रकार सड़कों पर उतर आए. दिल्ली के प्रेस क्लब में दोपहर से पत्रकार, अलग-अलग संगठनों के लोग और नेता जुटने लगे.

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VIDEO: गौरी लंकेश की हत्या के पीछे क्या हमारी कट्टरता नहीं?

महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आईं गोविंद पनसारे की बहू ने बताया कि कैसे उस पनसारे हत्याकांड की जांच ठहरी हुई है. मेधा पनसारे ने एनडीटीवी से कहा कि हाईकोर्ट की पहल के बाद ही  हत्याकांड की जांच कुछ आगे बढ़ पाई. अब इस मामले में गिरफ्तार किये गए दो आरोपियों में एक को जमानत मिल गई है और दूसरे ने भी जमानत की अर्जी दी है. मेधा ने कहा कि जिस तरह से जांच चल रही है, उससे कानून की पकड़ कमजोर पड़ती नजर आ रही है.

इनपुट: भाषा
 



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